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बहराइच, जेएनएन। जिले में एक पति ने निकाह के 14 साल बीतने के बाद पत्‍नी को तीन तलाक दे दिया। बच्चा न होने का हवाला देकर पत्‍नी को घर से भगाकर खुद भी मुंबई की राह पकड़ ली। इंसाफ के लिए पीडि़ता अपने भाई के संग थाने से डीएम दरबार तक दौड़ लगा रही है, लेकिन जिम्मेदार दूसरे जिले का मामला बताकर उसे टरका रहे हैं। यह हाल तब है, जब तीन तलाक विधेयक संसद में पास हो चुका है। 

ये है पूरा मामला 

मामला रुपईडीहा थाना क्षेत्र के ग्राम रामपुर जैतापुर का है। यहां की रहने वाली साजरुननिशां पुत्री जब्बार का निकाह साल 2005 में श्रावस्ती जिले के ग्राम बघमरी निवासी शमशेर खां पुत्र जुम्मन खां के साथ हुआ था। पीडि़ता का आरोप है कि वह पति के साथ कई साल तक मुंबई रही। इस दौरान दहेज को लेकर अक्सर पति शमशेर उसकी पिटाई करता रहता था। कई बार उसे मारपीट कर मायके भगा दिया गया, लेकिन लोकलाज को लेकर वह पिता के कहने पर ससुराल में ही रहती थी। 15 दिन पहले मुंबई से लौटे पति ने बच्चा न होने का हवाला देकर दूसरी शादी का प्रस्ताव रखा। विरोध करने पर उसे मारापीटा गया। सूचना पाकर उसका भाई व अन्य परिजन उसके घर पहुंचे तो पति ने उसे तलाक-तलाक-तलाक कहकर घर से भगा दिया। 

इंसाफ की गुहार लिए पहुंची डीएम के दर 

पीडि़ता परिवारजन के साथ न्याय के लिए भटक रही है। सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर अधिकारियों से आपबीती सुनाई तो जनसुनवाई पटल पर मौजूद डीसी मनरेगा ने मल्हीपुर थाना क्षेत्र का हवाला देकर उसे लौटा दिया। 

थाने से भी लौटाया

तीन तलाक की शिकायत लेकर पीडि़ता रुपईडीहा थाने पहुंची थी। पीडि़ता का आरोप है कि एसओ ने आरोपित के मल्हीपुर थाना क्षेत्र का निवासी होने का हवाला देकर उसे लौटा दिया। 

Posted By: Divyansh Rastogi

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