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जागरण टीम, बहराइच : तराई में लगातार हो रही बारिश के बीच नेपाल से नौ हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने पर घाघरा व सरयू का जलस्तर बढ़ने लगा है। पिछले 24 घंटे में घाघरा के जलस्तर में 48 सेमी की वृद्धि हुई है। जलस्तर बढ़ने से 70 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जलस्तर बढ़ने के साथ कटान भी तेज हो गई है। फखरपुर के ग्यारह सौ रेती गांव में 30 बीघे फसल कटकर नदी की धारा में समा गई है। बाढ़ को लेकर प्रशासन भी अलर्ट हो गया है। कटान प्रभावित गांवों का तहसील के अधिकारियों ने निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया।

महसी : घूरदेवी स्थित घाघरा नदी का जलस्तर 110.200 मीटर रिकार्ड किया गया। बुधवार को यहां पर नदी 109.720 मीटर पर बह रही थी। जलस्तर बढ़ने के बाद माझादरिया, पचदेवरी, चुरईपुरवा, मैकूपुरवा, गलकारा, नकाही, तिकुरी, पिपरा, पिपरी, कायमपुर, जुगुलपुरवा, तारापुरवा, गोड़ियनपुरवा समेत 30 गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। किसानगंज के कोढ़वा गांव के गोविद प्रसाद, जगदंबिका प्रसाद व विजय कुमार के आशियाने व रामचंद्र, गयाप्रसाद व ननकऊ की गन्ने की फसल कटान के मुहाने पर है। गजाधरपुर : फखरपुर ब्लॉक के मझारा तौकली के भिरगूपुरवा व ग्यारह सौ रेती में कटान तेज हो गई है। किसान ज्ञानचंद्र, राजा, नन्हें गौतम, राजेंद्र व अवधेश की 15 बीघे कृषि योग्य भूमि कटान की भेंट चढ़ गई। हरिजन बस्ती, पकड़िया, अर्जुनपुरवा में भी कटान होने से कई किसानों के खेत घाघरा की धारा में समा गए। मिहीपुरवा : नेपाल के पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के चलते नेपाल से नौ हजार क्यूसेक पानी सरयू में छोड़ा गया है। इससे सरयू बैराज खतरे के निशान को छूने को बेताब दिख रही है।

एसडीएम ने कटान का लिया जायजा

महसी : एसडीएम सुरेंद्र नारायण त्रिपाठी व तहसीलदार राजेश कुमार वर्मा ने घाघरा के तटवर्ती कटान प्रभावित गांवों का दौरा किया। कोढ़वा, पिपरी, तिकुरी व लालपुरवा गांव में पहुंचकर ग्रामीणों से जानकारी ली। उन्होंने ग्रामीणों से कटान को देखते हुए सुरक्षित स्थान पर जाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि अभी तक कटान नहीं हुई है। प्रभावितों को हर संभव मदद दिलाई जाएगी।

Posted By: Jagran

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