बहराइच : प्रदेश सरकार ने कर्जमाफी से वंचित रहे किसानों को सिर से बोझ उतारने का अंतिम मौका दिया है। अब जिलास्तरीय समिति ही किसानों के कर्जमाफी के मापदंडों के आधार पर निर्णय ले सकेगी। तकनीकी कमियों से कर्जमाफी के दायरे से बेदखल हुए किसान 21 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं। सरकार के इस फैसले से लगभग 58520 किसानों को को कर्जमाफी से राहत मिलने की उम्मीद है।

प्रदेश सरकार की ऋण मोचन योजना के तहत 31 मार्च 2016 तक केसीसी पर ऋण लेने वाले किसानों को योजना में शामिल किया गया था। जिले में 154082 किसान चयनित किए गए थे। 103824 किसानों ने आधार फी¨डग कराई थी। जिसमें 94543 किसानों का 600 करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया गया है, जबकि 58520 किसान बैंक व राजस्व सत्यापन रिपोर्ट के आधार पर कर्जमाफी के दायरे से वंचित किए गए हैं। इन किसानों की ओर से खुद को पात्र बताते हुए मुख्यमंत्री पोर्टल, डीएम व डीएओ कार्यालय पर दावा कर रहे थे। अब इन किसानों को सहूलियत देते हुए सरकार ने जिलास्तरीय समिति को डिमांड जेनरेट का अधिकार दे दिया है। कलेक्ट्रेट में खोला गया हेल्प डेस्क किसानों की सहूलियत के लिए कलेक्ट्रेट में हेल्प डेस्क खोला गया है। किसान 21 जनवरी तक पात्रता से जुड़े अभिलेखों के साथ आवेदन कर सकते हैं। डीएओ रामशिष्ट ने बताया कि किसान खतौनी, बैंक पासबुक, आधार कार्ड, मोबाइल नंबर जरूर लाएं।

Posted By: Jagran

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