संतोष श्रीवास्तव, बहराइच : ई-रिक्शा की कमान नाबालिग संभाले हुए हैं और इन्हें बिना लाइसेंस के चालक तेज रफ्तार में दौड़ा रहे हैं। नाबालिगों के हाथों में स्टेयरिग होने से दुर्घटनाएं भी होती हैं।

लोगों की जान खतरे में डालकर फर्राटा भरने वाले वाहन चालकों पर पुलिस, यातायात व एआरटीओ विभाग शिकंजा कसने में नाकाम हैं। ऐसे वाहन चालकों पर नजर पड़ने के बाद भी पुलिस यातायात नियम बताना मुनासिब नहीं समझ रही है।

बहराइच सदर, नानपारा, मिहींपुरवा, कैसरगंज, पयागपुर व महसी तहसील क्षेत्र से अंतर्गत बैट्री से चलने वाला ई-रिक्शा बेरोजगार युवकों के लिए रोजगार का माध्यम बने हैं। नगर में दर्जनों युवक ई-रिक्शा चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। मार्गों पर तेज रफ्तार से दौड़ने वाले अधिकांश ई-रिक्शा की कमान नाबालिगों के हाथ में है, जो बिना इंडीकेटर जलाए अचानक वाहनों को मोड़ देते हैं।

सवारियों के आवाज लगाने पर अचानक सड़क पर ब्रेक लगा दे रहे हैं, जिससे पीछे और सामने से आने वाले वाहनों से टकराने का भय बना रहता है। वाहन में 30 किलोमीटर रफ्तार का मीटर लगा हुआ है, लेकिन रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रतिघंटा रहती है। तेज रफ्तार के दौरान अगर छोटे गड्ढे में भी इसका पहिया चला गया तो वाहन पलटने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है।

बावजूद इसके अवयस्क चालकों को इसकी चिता नहीं रहती। लोगों की जान को जोखिम में डालने वाले इन चालकों पर नजर पड़ने के बाद भी पुलिस खामोश रहती है। ---------इनसेट-------- पिछले माह 150 ई-रिक्शा का चालान किया गया है, जो नाबालिग चालक वाहन चलाते हुए पाए जाएंगे, उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। नियम-कानून से खिलवाड़ करने की किसी को छूट नहीं दी जाएगी। आनेंद्र यादव, यातायात प्रभारी

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