संसू, बहराइच: मूसलाधार बारिश ने शहर की जलनिकासी व बिजली आपूर्ति के दावों की पोल खोलकर रख दी है। जिला अस्पताल में पानी भरने व ट्रांसफार्मर जल जाने से प्रयोगशाला 24 घंटे से ठप है। सैंपलों की जांच व रिपोर्ट के लिए मरीज भटकते दिखे। बारिश के चलते निचले मुहल्लों व सरकारी आवास भी जलमग्न रहे। सड़कें टॉपू बनी रहीं। पंपिग सेटों के जरिए अस्पताल व आवासों से बाहर पानी निकाला गया। इमरजेंसी में मोमबत्ती के उजाले में उपचार किया गया।

बंगाल की खाड़ी से उठे पूर्वी विक्षोभ से तराई में मूसलाधार बारिश हुई। चार घंटे हुई बारिश से शहर के सभी नाले उफना गए। शहर में चारों तरफ बाढ़ से जैसे हालात दिखे। जिला अस्पताल के प्रयोगशाला में पानी भर गया। परिसर में लगा ट्रांसफार्मर भी जल गया। लाखों रुपये के उपकरणों को बचाने के लिए कर्मचारी जद्दोजहद करते रहे। घुटनों तक पानी भर जाने से मरीजों के सैंपलों की जांच नहीं हो सकी। गुरुवार को पंपिग सेट चलाकर प्रयोगशाला से पानी निकाला गया, लेकिन बिजली आपूर्ति बाधित होने से दूसरे दिन भी मरीजों को प्रयोगशाला में सुविधा नहीं मिल पाई। पर्चा लेकर मरीज वापस लौटने या फिर निजी सेंटरों से जांच कराने को विवश हुए। बुधवार को लिए गए 100 सैंपलों की जांच भी न हो पाने से दूर-दराज से पहुंचे मरीज इलाज कराए ही बिना लौट गए।

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इमरजेंसी में मोमबत्ती की रोशनी में इलाज

जिला अस्पताल बुधवार की रात अंधेरे में रहा। बिजली आपूर्ति ठप रही तो उच्च क्षमता का ट्रांसफार्मर भी खराब रहा। ऐसी स्थिति में तीमारदार व मरीज मोमबत्ती के उजाले में रहे। यहां तक की इमरजेंसी भी में प्रकाश की कोई व्यवस्था न होने से सड़क हादसों में घायलों का चिकित्सकों ने मोमबत्ती जलाकर इलाज किया। सीएमएस डॉ. डीके सिंह ने बताया कि बिजली व जनरेटर खराब हो जाने से ऐसी स्थिति पैदा हुई।

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आवास तो दूर कार्यालयों में कमर तक भरा रहा पानी

जिले को 60 फीसद राजस्व मुहैया कराने वाला वाणिज्यकर विभाग में कमर तक पानी भर गया। अधिकारी व कर्मचारी कुर्सियों को छोड़कर छतों पर ठिकाना लेने को विवश हुए। ऐसे ही हालात, कृषि, उद्यान, विकास व अन्य सरकारी विभागों के कार्यालयों का रहा। सरकारी आवासों में घुटनों तक पानी पहुंच जाने से लोग परेशान हुए। जन शिक्षण संस्थान में पानी भर जाने से यहां के कर्मियों को रात दूसरी जगह बितानी पड़ी।

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रातभर चले पंपिग सेट

सरकारी आवासों में पानी भर जाने से अधिकारी परेशान रहे। इन आवासों से पानी निकालने के लिए नगर पालिका परिषद की ओर से 10 पंपिग सेट लगाए गए। ये सेट रात भर पानी निकासी के लिए चलते रहे। बेसमेंट व निचले इलाकों में भी पानी निकालने के लिए पंपिग सेट का सहारा लिया गया।

Posted By: Jagran

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