प्रदीप तिवारी, बहराइच : कोरोना वायरस का समय रहते पता लगाने के लिए जांच प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब गांवों में छिपे संक्रमितों की खोज लिए पूल सैंपलिग की जाएगी। हर ब्लॉक से 20-20 लोगों के सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजा जाएगा। एक साथ 10-10 लोगों के सैंपलों की जांच होगी। पुष्टि होने पर दोबारा अलग-अलग जांच कराई जाएगी। इससें जांच प्रक्रिया तेज होगी। महामारी पर उतनी ही तेजी से अंकुश लगाया जा सकेगा।

वैश्विक महामारी के खिलाफ चल रही मुहिम को अंजाम तक पहुंचाने के लिए अब गांव स्तर पर भी सैंपलिग की जाएगी। इसके लिए 14 ब्लॉकों का रोस्टर तैयार किया गया है। एक दिन में सात ब्लॉक के सात गांव चिह्नित किए जाएंगे। इन गांवों में लौटे 20-20 प्रवासियों की सैंपलिग की जाएगी। यानी हर रोज गांवों से 140 लोगों की सैंपलिग अनिवार्य होगी। जांच में प्रयोगशाला में एक साथ 10 लोगों के सैंपल जांच किए जाएंगे। रिपोर्ट निगेटिव हुई तो मान लिया जाएगा कि गांव संक्रमण से बाहर है, लेकिन पॉजिटिव की पुष्टि हुई तो एकसाथ सभी लोगों के सैंपल भरे जाएंगे। इस प्रक्रिया से जहां लक्षणविहीन संक्रमितों की खोज में आसानी होगी, वहीं अन्य लोगों को संक्रमण से बचाया जा सकेगा। ------------------------------- 150 के भेजे गए सैंपल -सीएमओ डॉ. एसके सिंह ने बताया कि 150 और लोगों के सैंपल जांच के लिए डॉ. राममनोहर लोहिया कैंसर इंस्टीट्यूट भेजा गया है। इन लोगों को अलग-अलग क्वारंटाइन सेंटरों में रखा गया है।

Posted By: Jagran

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