बहराइच: सिर कटी युवती की हत्या में किशोर को आजीवन कारावास
बहराइच में विशेष अपर सत्र न्यायाधीश ने एक किशोर को युवती की हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 1.20 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

HighLights
किशोर को युवती की हत्या में आजीवन कारावास।
9 मार्च 2020 को खेत में मिला था शव।
घटना के समय नाबालिग था दोषी, विशेष बैरक में रहेगा।
जागरण संवाददाता, बहराइच। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पाक्सो एक्ट अरविंद कुमार गौतम ने हत्यारोपित किशोर को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। उस पर एक लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न अदा करने पर उसे दो माह अतिरिक्त जेल में रहना पड़ेगा।
अभियाेजन पक्ष की ओर से विशेष जिला शासकीय अधिवक्ता अपराध संत प्रताप सिंह व विशेष लोक अभियोजक संतोष कुमार सिंह ने मामले की पैरवी की। उन्होंने बताया कि रुपईडीहा इलाके में नौ मार्च 2020 को चौकीदार जिमीदार ने सूचना दिया कि खेत में एक युवती का सिर कटा शव मिला है।
इस सूचना पर पुलिस ने हत्या, शव छिपाना व षड्यंत्र रचने के आरोप में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की। विवेचना के दौरान आरोपित किशोर का नाम प्रकाश में आया और शव की पहचान फखरपुर के मरौचा के अवसानखांपुरवा निवासी इशहाक की बेटी के रूप में हुई।
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपित सादिक अली को तत्कालीन प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश पवन कुमार शर्मा द्वारा 26 सितंबर 2025 को आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा चुकी है। आरोपित किशोर का मुकदमा पृथक करके विशेष अपर सत्र न्यायाधीश पाक्सो एक्ट की कोर्ट में भेजा गया था।
इस मामले में रुपईडीहा के पैरोकार अभिमन्यु कुमार ने गवाहों को अदालत में पेश कराकर उनका बयान दर्ज कराने में अहम भूमिका निभाई। अदालत ने मामले का विचारण पूरा करने के बाद आरोपित किशोर को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
घटना के समय नाबालिग था आरोपित
विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि दोषी घटना के समय 16-18 वर्ष के बीच था, इसलिए दंड का निष्पादन किशोर न्याय अधिनियम 2015 के लागू प्रावधानों के अधीन होगा। उसे जिला कारागार बहराइच के विशेष बैरक में रखा जाएगा, जो अन्य बंदियों से अलग होगा।
