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लखनऊ-अयोध्या और बाराबंकी में खुशबू बिखेर रहे बहराइच के गेंदा-गुलाब, खेती के लिए आगे आ रहे जिले के किसान

Published: Sat, 07 Feb 2026 04:15 PM (IST)

बहराइच के किसान कम लागत में गुलाब और गेंदे की खेती कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहे हैं। वे ...और पढ़ें

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HighLights

  1. बहराइच के किसान गुलाब और गेंदे की खेती कर रहे हैं।

  2. फूलों की खेती से किसानों को तीन-चार गुना मुनाफा मिल रहा।

  3. उद्यान विभाग किसानों को पौध और बीज देकर प्रोत्साहित कर रहा।

जागरण संवाददाता, बहराइच। जिले के किसान कम लागत में गुलाब व गेंदा की खेती कर रहे हैं। खेत में पौध लगाने के बाद किसान तीन से चार गुणा मुनाफा अर्जित कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहे हैं। उत्पादित फूल मंडल के साथ बाराबंकी, अयोध्या व लखनऊ भेजी जा रही है। फूलों की खेती के लिए उद्यन विभाग की ओर से किसानों को बढ़ावा भी दिया जा रहा है।

कृषि बाहुल्य जिले में गन्ना, गेहूं व धान के साथ ही किसान फूलों की खेती की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। इसका उन्हें आर्थिक लाभ भी मिल रहा है। शहर से सटे तेजवापुर में किसान तारिक, मुहम्मद शादिक, इशरार समेत 20 से अधिक किसानफूलों की खेती कर रहे हैं। इनमें गेंदा, गुलाब, ग्लैडियोलस एवं पालीहाउस में जरवेरा शामिल है। 80 हेक्टेयर में हो रही फूलों की खेती पड़ोस के जिलों में भी अपनी खुशबू बढ़ा रही है।

गुलाब के एक पौधे से निकलती हैं 8 से 10 कलियां 

जिले में उत्पादित किए जाने वाले फूलों की बिक्री जिले के साथ गोंडा, बलरामपुर, बाराबंकी, अयोध्या एवं लखनऊ में की जाती है। उद्यान सलाहकार पंकज चौधरी चौधरी के मुताबिक, गुलाब के एक पौध में आठ से 10 कलियां निकलती हैं।

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इससे उन्हें दोगुणा मुनाफा होता है। किसान ने पांच बीघा गुलाब की खेती की है तो उसे लगभग 70 से 80 हजार रुपये खर्च करने पड़ते हैं, जबकि गुलाब व गेंदा से कमाई दो से तीन लाख रुपये प्रति एकड़ में होती है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है।

किसानों को फूलों की खेती के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसके लिए विभाग की ओर से किसानों को पौध व बीज दिए जा रहे हैं। किसान आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए इसका लाभ उठा सकते हैं। इसके लिए जनसेवा केंद्रों से पंजीकरण करवाना अनिवार्य है। - दिनेश चौधरी, जिला उद्यान अधिकारी