बागपत, जेएनएन। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि कृषि को विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) से अलग रखने के लिए भाकियू सहित अन्य किसान संगठन प्रयासरत हैं। बेसहारा गोवंश के संरक्षण को लेकर प्रदेश सरकार की योजनाएं धरातल पर नहीं नजर आ रही हैं।

राकेश टिकैत ने शुक्रवार को जिवाना गुलियान के नीलकंठ आश्रम में पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि ब्राजील द्वारा डब्ल्यूटीओ में भारत की गन्ना/चीनी नीतियों के खिलाफ दायर की गई याचिका को वापस लेने के लिए केंद्र सरकार गणतंत्र दिवस में अतिथि के रूप में आने वाले ब्राजील के राष्ट्रपति पर दबाव बनाए। याचिका के विरोध में भाकियू सहित कई अन्य किसान संगठनों की समन्वय समिति ने पीएम को प्रेषित पत्र दिल्ली में प्रधानमंत्री कार्यालय में दिया है। उन्होंने कहा कि देश के किसानों के हितों के लिए कृषि को विश्व व्यापार संगठन से अलग रखा जाना चाहिए। केंद्र सरकार इसी सत्र में सीड बिल लाने जा रही है, जो किसानों के लिए हानिकारक है। उन्होंने कहा कि गन्ना भुगतान पर भी सरकार के दावे पूरे नहीं हुए हैं। उन्होंने बताया कि आगामी 18 मार्च को दिल्ली में भाकियू पदाधिकारियों की बैठक होगी, जिसमें अगली रणनीति बनाई जाएगी।

Posted By: Jagran

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