52 साल बाद हरियाणा और उप्र को मिलेगी अपनी-अपनी सीमा... होगी निशानदेही, पिलर भी लगेंगे
52 साल से चला आ रहा उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच का सीमा विवाद अब खत्म होने जा रहा ...और पढ़ें

गौरीपुर निवाड़ा गांव के पास यमुना खादर में निशानदेही करती सर्वे आफ इंडिया की टीम। सौ. कर्मचारी
HighLights
सर्वे आफ इंडिया की टीम ने यमुना खादर में की निशानदेही
237 पिलर बागपत-सोनीपत-पानीपत सीमा पर लगाए जाएंगे
जागरण संवाददाता, बागपत। 52 साल से सिरदर्द बना उप्र-हरियाणा सीमा विवाद हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा। सर्वे आफ इंडिया की टीम ने बाउंड्री पिलर लगवाने को यमुना खादर में निशानदेही कर दी है। एक दो दिन में पिलर लगाने का काम शुरू होगा। इसके लिए मशीन मंगा ली गई है और यमुना खादर में मशीन के लिए रास्ता बना लिया गया है। बागपत की सीमा से सोनीपत-पानीपत का कुछ हिस्सा लगता है। इन जिलों की सीमा पर कुल 237 बाउंड्री पिलर लगेंगे।
52 साल से जारी यूपी-हरियाणा सीमा विवाद खत्म करने को दोनों राज्यों के अधिकारियों में यमुना खादर में सर्वे आफ इंडिया के सर्वे के अनुसार सम-विषम आधार पर बाउंड्री पिलर लगवाने पर सहमति बनी हुई है। हरियाणा की ओर से बाउंड्री पिलर लगा दिए गए थे, लेकिन बजट नहीं मिलने से बागपत प्रशासन पिलर नहीं लगवा पाया था।
चालू वित्त वर्ष के अप्रैल में उप्र शासन ने बागपत के लिए 11.14 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया था। बाउंड्री पिलर लगाने का जिम्मा लोक निर्माण विभाग को मिला हुआ है। मगर टेंडर छोड़ने तथा उसके बाद बरसात में यमुना में पानी बढ़ने के कारण बाउंड्री पिलर लगाने का काम शुरू नहीं हो पाया था। अब यमुना में पानी कम हो गया, इसलिए लोक निर्माण विभाग ने दोनों राज्यों की सीमा पर बाउंड्री पिलर लगवाने की तैयारी शुरू कर दी है।
सर्वे आफ इंडिया की टीम ने गौरीपुर जवाहरनगर-निवाड़ा गांव में यमुना खादर में पिलर लगाने के लिए निशानदेही की है। वहीं लोक निर्माण के ठेकेदार ने सीमा पर बाउंड्री पिलर लगाने के लिए यमुना खादर तक मशीन ले जाने के लिए रास्ता बनवाया। पिलर लगाने के लिए मशीन आ चुकी है। लोक निर्माण के एक्सईएन अतुल कुमार ने कहा कि बाउंड्री पिलर लगाने की तैयारी पूरी हो गई है।
शनिवार से बाउंड्री पिलर लगाने का काम शुरू होने की उम्मीद है। गौरीपुर स्थित यमुना खादर में पुल के पास से पिलर लगाने का काम शुरू होगा। सर्वे आफ इंडिया की टीम ने निशानदेही कर ली है, जिसके आधार पिलर लगेंगे।
सीमा विवाद से प्रभावित गांव
बागपत के 27 गांव व सोनीपत-पानीपत के 22 गांवों की 4,500 हेक्टेयर जमीन विवाद में फंसी है। बागपत की 2,850 हेक्टेयर तथा सोनीपत-पानीपत की 1,750 हेक्टेयर जमीन पर विवाद है। दोनों राज्यों के किसानों में खूनी संघर्ष होता रहता है।
