जागरण संवाददाता, बागपत : करोड़ों की प्रॉपर्टी के विवाद में आरएसएस के जिला सह कार्यवाह हितेंद्र चौहान की हत्या के मामले में अदालत ने सुनवाई करते हुए दो आरोपित को साक्ष्य के आधार पर बुधवार को दोषी करार दे दिया। सजा के प्रश्न पर 15 सितंबर को सुनवाई होगी।

यह था मामला

पुराने कस्बे के देशराज मोहल्ला निवासी लक्ष्मीचंद पुत्र हरिराम के पुत्र हितेन्द्र चौहान आरएसएस के जिला सह कार्यवाह थे। हितेन्द्र का करोड़ों की प्रापर्टी को लेकर विवाद चल रहा था। लक्ष्मीचंद के अनुसार 17 जनवरी 2014 को सुभाष गेट के पास पुत्र हितेंद्र चौहान व पुत्रवधु अंजना के साथ ही उन पर गोलियां चलाई गई थीं। इसमें हितेन्द्र चौहान की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि वह व पुत्रवधु बाल-बाल बच गए थे। इस मामले में उन्होंने आरोपित सिसाना गांव के महिपाल उर्फ घोटी पुत्र फतेह ¨सह व प्रदीप उर्फ पप्पू पुत्र खजान ¨सह तथा काठा गांव के छोटेलाल शर्मा पुत्र खचेडू, मेरठ के सरधना क्षेत्र के टेहरकी निवासी अजेंद्र पुत्र जबर ¨सह तथा एक अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।

दोनों आरोपित को 15 सितंबर को सुनाई जाएगी सजा

एडीजीसी चश्मवीर ¨सह व वादी के अधिवक्ता जयवीर ¨सह तोमर ने बताया कि केस के दो आरोपित महिपाल व प्रदीप की फाइल का विचारण द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश विशेष (एससी/एसटी एक्ट) रमेशचंद्र दिवाकर की अदालत में चल रहा है। वादी समेत आठ गवाहों की गवाही हुई। अदालत ने सुनाई करते हुए दोनों आरोपितों को केस का दोषी करार दिया गया। जमानत पर जेल से बाहर आए मुलजिम प्रदीप को न्यायिक अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया। मुलजिम महिपाल पहले से ही जेल में बंद है। इस मामले में सजा के प्रश्न पर सुनाई 15 सितंबर को होगी।

दो आरोपितों को सीबीसीआईडी ने दे दी थी क्लीनचिट

वादी के अधिवक्ता जयवीर ¨सह तोमर ने बताया कि केस के अज्ञात आरोपित का नाम विवेचना में प्रकाश में आ गया था, जो पुराना कस्बा का ही यशवीर उर्फ ¨मटू चौहान था। आरोपित पक्ष की मांग पर यह केस सीबीसीआईडी ट्रांसफर हो गया था। केस के दो आरोपित यशवीर और अजेंद्र को विवेचक ने क्लीनचिट दे दी थी। तोमर के मुताबिक इसके खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में अर्जी लगा रखी है तथा आरोपित छोटेलाल शर्मा की फाइल सीजेएम कोर्ट में विचाराधीन है।

परिजन बोले, न्यायपालिका पर है भरोसा

अदालत द्वारा केस के दो आरोपितों को दोषी करार दिए जाने का पता चलते ही हितेंद्र चौहान की पत्नी अंजना चौहान, पिता लक्ष्मीचंद और माता निर्मला देवी भावुक हो गई। उनका कहना है कि उनको न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। अदालत कातिलों को सख्त से सख्त सजा देगी, इसकी उनको पूरी उम्मीद है।

Posted By: Jagran