बागपत, जेएनएन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिक्योरिटी में तैनात दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल की माता पर हमला करने के दो आरोपितों को पकड़ने के बाद पुलिस ने थाने से छोड़ दिया, जिनके अदालत से एनबीडब्ल्यू जारी हैं।

ग्राम डौला निवासी मनोज कुमार ने बताया कि वह दिल्ली पुलिस में कांस्टेबल है। फिलहाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सिक्योरिटी में तैनाती है। मामूली विवाद होने पर 24 अक्टूबर 2020 को विपक्षियों ने घर में घुसकर उनकी माता मुन्नी देवी पर हमला किया था। अदालत के आदेश पर आठ मार्च 2021 को सिघावली अहीर थाने में आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। अदालत में पेश न होने पर आरोपितों के एनबीडब्ल्यू जारी हो चुके हैं। आरोप है कि पुलिस दो आरोपितों को गत 19 सितंबर को मकान से पकड़कर थाने ले गई थी। आरोपितों के मकान के पास गली में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकार्ड हैं। दोनों आरोपितों को थाने से छोड़ दिया गया। इस संबंध में बुधवार को एसपी से शिकायत की गई। एसपी नीरज कुमार जादौन ने मामले की जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

उधर, थाना प्रभारी देवेश कुमार सिंह का कहना है कि गलती से केस के आरोपितों की जगह दो अन्य व्यक्ति पकड़े गए थे। जिनको जांच के बाद छोड़ा गया। पुलिस पर लगाए गए आरोप गलत हैं। मैं गिरफ्तार करके ही तो दे सकूं.. दाखिला तो नहीं

पीड़ित सिपाही के मुताबिक इस मामले में आरोपितों को पकड़कर ले जाने वाले दारोगा से मोबाइल पर बातें की गई। जिसकी आडियो रिकार्डिंग उनके पास है। दारोगा साफ कह रहे हैं कि अरे वे दाखिल नहीं कर रहे थे तो मैं क्या कर दूं, दो आरोपित गिरफ्तार हो गए और चार शेष हैं, मुंशी को बताकर व वारंट देकर आया हूं। दाखिला करने का किसका काम है..। इसमें मेरी क्या गलती रह गई, एक बड़े अफसर की भी सिफारिश आई। एक सिपाही भी बीच में आया, जिसने चौकी पर पहुंचकर भी सिफारिश की। किस नेता की कहां पर पकड़ है, इसका क्या पता चलता है..।

Edited By: Jagran