बागपत, जेएनएन। बड़ौत-मेरठ मार्ग स्थित अंगदपुर गांव के पास 46 दिन बाद नीम के पेड़ की जड़ों में सुलग रही आग को वन विभाग ने तो नहीं बुझाया, लेकिन पर्यावरण प्रहरियों ने पानी से आग को बुझाया।

अंगदपुर गांव के पास लगभग 46 दिन पहले कुछ लोगों ने मधुमक्खी ता छाता तोड़ने के लिए नीम के पेड़ की खोकर में आग लगाकर धुआं कर दिया था, जिसके बाद छाता तोड़कर ये लोग चले गए, लेकिन पेड़ में आग लग रही गई। कई दिन पेड़ में आग लगी रही तो पूरा पेड़ रात के समय सड़क पर आ गिरा, जिसे वन विभाग के कर्मचारी उठा ले गए और आग को भी बुझाने का प्रयास किया था, लेकिन आग पूरी तरह नहीं बुझी थी। उसके बाद टूटे पेड़ की जड़ों में लगी आग भूमि के नीचे लगभग पांच फुट तक पहुंच गई थी। आरआरडी उपाध्याय, राकेश सरोहा, बिजेंद्र राठी, डायल 112 पर तैनात पुलिस योगेश कुमार व सुधीर ने नलकूप के हौज से पानी डालकर जड़ों में लगी आग को बुझाया। उपाध्याय ने बताया कि पेड़ की जड़ों में लगी आग को न बुझाना वन विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही है। पुलिस ने तो आग बुझाने में साथ दिया, लेकिन वन विभाग ने नहीं। उधर, वन रेंजर राजपाल सिंह का कहना है कि सूचना मिलने पर पहले ही आग को बुझा दिया था, लेकिन बाद का पता नहीं है। सेवानिवृत्ति पर शिक्षक को दी भावभीनी विदाई

दिगंबर जैन पालीटेक्निक में वरिष्ठ प्रवक्ता और पूर्व प्रधानाचार्य राजेश जैन की सेवानिवृत्त पर रविवार को कालेज में विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जहां उन्हें स्टाफ व गणमान्यों ने भावभीनी विदाई दी गई। प्रधानाचार्य डा. अजय कुमार त्यागी ने संस्था और विद्यार्थियों के बेहतर मार्गदर्शन के लिए उनका आभार व्यक्त किया। मंच का संचालन दिनेश कुमार ने किया।

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