संस,बड़ौत (बागपत): शहर के कई ऐसे स्थान हैं, जहां ट्रांसफार्मरों पर जाल नहीं लगे हैं, जिसके चलते हादसे होने का भय बना रहता है। शिकायत के बावजूद विभागीय अधिकारियों का ध्यान नहीं है। शहर के लोगों को बेहतर सप्लाई के लिए ऊर्जा निगम ने ट्रांसफार्मर तो लगा दिए, लेकिन सुरक्षा के लिहाज से उनकी देखरेख में लापरवाही बरती जा रही है। नियमानुसार ट्रांसफार्मरों को चबूतरे बनाकर उनके ऊपर रखा जाना चाहिए और चारों ओर लोहे का जाल बना होना चाहिए, जिससे कोई पशु वहां तक न पहुंच पाए। शहर में कई ऐसे स्थान हैं, जहां खुले में ट्रांसफार्मर हैं। कई ट्रांसफार्मरों के चबूतरे भी जर्जर हो चुके हैं। खुला होने से इनसे हादसे भी हो चुके हैं। बढ़ती गर्मी और ट्रासफार्मरों पर लोड के कारण कई बार तारों में स्पार्किंग होने लगती है। ऐसे में ट्रांसफार्मर के पास से गुजरने वाला कोई भी व्यक्ति हादसे का शिकार हो सकता है।

अधीक्षण अभियंता रामवीर सिंह ने बताया कि ट्रांसफार्मरों के चारों और जाल लगवाने के लिए प्रस्ताव तैयार कराएं जाएंगे।

ट्रांसफार्मर के चबूतरे के

नीचे लगते हैं सब्जी ठेले

नहर पुल के पर एक जगह तीन ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। ट्रासफार्मरों का चबूतरा बना हुआ है, लेकिन लोहे के जाल से ये घेरे नहीं गये हैं। इसके नीचे बैठकर दुकानदार सब्जी की दुकान लगाते हैं। बरसात के दिनों में तारों के जाल में करंट उतरने का खतरा रहता है।

Posted By: Jagran