बड़ौत, बागपत: अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री और ¨हद बलोच फोरम के संरक्षक स्वामी जीतेंद्रानन्द सरस्वती एक सवाल के जवाब में बताया कि रो¨हग्या मुसलमानों का अशांति का इतिहास रहा है। रो¨हग्या वर्मा से चले और कई सौ किमी की सीमा लांघकर जम्मू के लद्दाख तक पहुंच गए और उन्हें वहां क्यों बसाया गया और वह भी ऐसे में, जब वहां धारा 370 लागू हैं। उन्होंने कहा कि इस पर सुप्रीम कोर्ट को विचार करना चाहिए। वकीलों ने भी मानवीयता के आधार पर दलील दी है कि रो¨हग्या को देश में रहने दिया जाए। इस पर सरकार ने कोर्ट में हलफनामा दाखिल कर बताया है कि रो¨हग्या देश के लिए खतरा हैं। जम्मू में भारतीय सेना में उसी स्थान पर हमला हुआ है, जहां रो¨हग्या बसाए गए थे। रो¨हग्या पाक के इशारे पर पाक के आतंकवादियों को सेना के कैंप तक नाले के रास्ते ले गए थे।

बोले कदीर, चीन के

लोग बर्दाश्त नहीं

बलूच नेता मामा कदीर ने चीन के लोगों के खतरे के सवाल पर जवाब देते हुए बताया कि चीन के लोग बलूचिस्तान में आए थे और ग्वादर में शिपपोर्ट बना रहे थे वहां से उन्हें भगा दिया गया। उनके स्थान पर आइएसआइ के लोग लेबर का काम करते थे। उन्हें भी भगा दिया गया, इसलिए चीन का काम बंद है। चीन के लोग काम करेंगे और लूट के ले जाएंगे। एक समाचार पत्र में चीन की ओर से स्टेटमेंट आया था कि ग्वादर शिपपोर्ट 91 प्रतिशत चीन का होगा और नौ प्रतिशत इस्लामाबाद का। बलूचिस्तान को कुछ नहीं मिल पाएगा, जबकि भूभाग बलूचिस्तान का है।

Posted By: Jagran

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