बागपत, जेएनएन। किरठल गांव के मेडिकल स्टोर पर नशे के इंजेक्शन बेचे जाने का वीडियो वायरल होने के बाद ड्रग इंस्पेक्टर ने स्टोर पर छापेमारी की और दवाइयों के नमूने लेकर लैब को भेजे।

शुक्रवार को ड्रग इंस्पेक्टर वैभव बब्बर मय पुलिस बल किरठल गांव में पहुंचे। यहां दीपक मेडिकल स्टोर पर छापामारी की। जांच में 10 औषधि के क्रय बिल मौके पर ना दिखने पर उनमें से चार संदिग्ध औषधियों के नमूने संग्रहित किए गए। सभी 10 औषधियों के क्रय बिल अगले तीन दिन के प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। सत्यापन होने तक इन दवाइयों की बिक्री पर रोक लगाते हुए मेडिकल को बंद करा दिया गया। विभाग इस बात की भी जांच कर रहा है कि मेडिकल पर बुप्रेनोर्फिन इंजेक्शन कहां से लाया गया और दूसरे कौन से मेडिकल स्टोर इस क्रय- विक्रय में शामिल हैं। औषधि निरीक्षक ने बताया कि मेडिकल स्टोर के लाइसेंस को निरस्त करने की संस्तुति औषधि अनुज्ञापन प्राधिकारी मेरठ मंडल को की जा रही है। इस दौरान आसपास के कई मेडिकल स्टोर संचालन दुकान का शटर गिराकर भाग निकले। इसके अलावा औषधि निरीक्षक ने ट्योढ़ी गांव स्थित कौशिक मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया गया, जहां से चार औषधि के क्रय बिल प्रस्तुत न करने पर उनके नमूने लिए गए और टेटनस का इंजेक्शन रेफ्रिजरेटर में न मिलने पर सभी इंजेक्शन को विक्रय न करने के निर्देश दिए गए। प्रसूता को सीएचसी से चार घंटे में ही दे दी छुट्टी

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पिलाना में शुक्रवार को अव्यवस्था हावी रही। एक प्रसूता महिला को चार घंटे में ही सीएचसी से छुट्टी दे। जान जोखिम में डालकर स्वजन महिला को ई-रिक्शा से लेकर घर गए।

बुखार का प्रकोप बढ़ रहा है, लेकिन पिलाना सीएचसी में अव्यवस्था हावी हो रही है। एक प्रसूता महिला की भी जान खतरे में डाल दी गई है।

सीएचसी में दत्तनगर की महिला ने आठ बजे एक बच्चे को जन्म दिया था। चार घंटे बाद ही सीएचसी से प्रसूता महिला को छुट्टी दे दी गई, जबकि नियम 72 घंटे रुकने का है। वहीं महिला को जल्दी छुट्टी तो दे दी गई। स्वजन प्रसूता महिला को ई-रिक्शा से लेकर गए है।

सीएचसी के अधीक्षक डा. सुधीर कुमार ने कहा कि कोरोना वैक्सीनेशन होने की वजह से डाक्टर ओपीडी में नहीं थे। रही बात प्रसूता महिला की तो इसकी जानकारी नहीं है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

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