बागपत में रेबीज से भैंस की मौत... दिल्ली तक थी इसके दूध की सप्लाई, डॉक्टर बोले- दूध पीने वाले लगवाएं ARV
Baghpat News: बागपत के खैला गांव में आवारा कुत्ते के काटने के दो माह बाद एक दुधारू भैंस की रेबीज ...और पढ़ें

खैला गांव में बीमार भैंस के बारे में जानकारी देते पशु पालक। सौ. ग्रामीण
HighLights
आवारा कुत्ते के काटने से भैंस की रेबीज से मौत।
आठ अन्य पशु भी बीमार, रेबीज फैलने की आशंका।
इस भैंस का दूध पीने वाले लोग टेंशन में।
संवाद सूत्र, चांदीनगर (बागपत)। आवारा कुत्ते के काटने के दो माह बाद रेबीज से एक दुधारू भैंस की मौत हो गई। आठ अन्य पशु भी बीमार हैं, उनमें रेबीज फैलने की संभावना बनी हुई है। इससे गांव में अफरातफरी मची हुई है। यह किसान दिल्ली तक दूध सप्लाई करता है।
चिकित्सक का कहना है कि दूध के जरिए रेबीज के मानव शरीर में पहुंचने का खतरा होता है। पीड़ित परिवार ने एंटी रेबीज वैक्सीन (ARV) लगवानी शुरू कर दी है।
ग्राम खैला निवासी किसान सिम्भू भाटी का घेर आबादी से बाहर है। उनके बेटे अजय भाटी ने बताया कि दो माह पूर्व उनकी दो भैंस, दो गाय, एक कटिया, दो छोटे मवेशी और दो बछिया को आवारा कुत्ते ने काट लिया था।
उस समय एंटी रेबीज वेक्सीन नहीं लगवाई गई थी। शनिवार को उनकी दुधारू एक भैंस बुखार से ग्रस्त हुई थी। बाद में रेबीज के लक्षण दिखाई दिए। रविवार को भैंस की मौत हो गई। जिसकी कीमत करीब डेढ़ लाख रुपये थी। उनके आठ पशु भी बीमार हो गए हैं। उनमें रेबीज की संभावना बनी हुई है।
उनके द्वारा पशुपालन विभाग की एम्बुलेंस को इस संबंध में सूचना दी गई, लेकिन पशुओं का उपचार करने के लिए चिकित्सक तो दूर कर्मचारी भी नहीं पहुंचे। उन्होंने पशुओं को एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने की मांग की है। पशु चिकित्सक डा. राजकुमार का कहना है कि मंगलवार को गांव में टीम भेजकर टीकाकरण कराया जाएगा।
दिल्ली तक हुआ दूध सप्लाई
यह परिवार खेतीबाड़ी के साथ पशुओं के दूध की बिक्री भी करता है। दूध दिल्ली तक सप्लाई होता है। भैंस का दूध परिवार के सदस्य नियमित पीते थे। इस घटना के बाद से परिवार के लोग चिंतित हैं।
उन्होंने पीएचसी जाकर एंटी रेबीज की वैक्सीन लगवानी शुरू कर दी है। उधर, खेकड़ा सीएचसी प्रभारी डा. ताहिर अली का कहना है कि रेबीज से ग्रसित भैंस का दूध पीने वाले परिवार के सदस्यों को एंटी रेबीज की वैक्सीन जरूर लगवानी चाहिए।
दूध के जरिए रेबीज मानव शरीर में जाने की संभावना है। खेकड़ा सीएचसी, रटौल पीएचसी या बड़ागांव पीएचसी पर जाकर एंटी रेबीज की वैक्सीन लगवा सकते हैं।
