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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 23, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बहता रहा खून, यूपी में जिला अस्पताल के गेट पर गर्भवती की हालत बिगड़ी, बार-बार बुलाने पर भी नहीं आया कोई

Published: Tue, 23 Jul 2024 04:56 PM (IST)

बागपत में जिला अस्पताल में एक गर्भवती महिला के स्वजन उसे महिला यूनिट में लेकर पहुंचे। उसे हाई रिस्क प्रसव ...और पढ़ें

जिला अस्पताल के गेट पर गर्भवती की हालत बिगड़ी, तब कराया प्रसव - जागरण
जिला अस्पताल के गेट पर गर्भवती की हालत बिगड़ी, तब कराया प्रसव - जागरण

जागरण संवाददाता, बागपत। जिला संयुक्त चिकित्सालय की महिला यूनिट के गेट पर गर्भवती की हालत बिगड़ गई। यह देख चारा काटने वाली महिलाओं ने प्रसव की तैयारी कर दी। महिलाओं ने गर्भवती के चारों ओर पर्दा कर दिया। रक्त ज्यादा बहने पर अस्पताल स्टाफ का दिल पसीजा और गर्भवती को भर्ती किया। अस्पताल में उसका प्रसव कराया गया। जच्चा-बच्चा स्वस्थ हैं।

सोमवार सुबह गौरीपुर निवासी फरजाना पत्नी मोमिन को प्रसव पीड़ा शुरू हुई। स्वजन उसे जिला अस्पताल की महिला यूनिट में लेकर पहुंचे। आरोप है कि चिकित्सकों ने समय पर मरीज को अटेंड नहीं किया। इससे उसे रक्तस्राव शुरू हो गया। यह देखकर उसे हाई रिस्क प्रसव बताकर हायर सेंटर रेफर कर दिया। स्वजन ने गर्भवती की हालत की दुहाई दी, लेकिन स्टाफ उसे भर्ती करने को तैयार नहीं हुआ।

स्वजन उसे अस्पताल से ले जाने लगे तो खुले में ही उसे अधिक रक्तस्राव हो गया। दर्द से तड़पती फरजाना को देख वहां से गुजर रहीं चारा काटने वाली महिलाओं ने अपने दुपट्टे से उसके चारों ओर पर्दा कर दिया। इस बीच स्वजन और अन्य लोग अस्पताल स्टाफ को बुलाने गए, लेकिन सभी ने अनसुना कर दिया। खुले में प्रसव होने की बात पता चली तब कर्मचारी हरकत में आए और फरजाना को वार्ड में भर्ती कराया, जहां चिकित्सकाें ने उसका प्रसव कराया।

बुलाने के बाद भी नहीं आई आशा

स्वजन ने आरोप लगाया कि जब फरजाना को प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो वह आशा कार्यकर्ता के घर पहुंचे, लेकिन उसने साथ आने से इनकार कर दिया।

गर्भवती की हालत गंभीर थी। रक्तस्राव होने के कारण स्वजन से उसके प्रसव की सहमति मांगी, लेकिन कोई तैयार नहीं हुआ। फिर मजबूरीवश गर्भवती को रेफर करना पड़ा। खुले में बच्चे का जन्म नहीं हुआ। वार्ड में महिला चिकित्सक ने प्रसव कराया। साढ़े तीन किग्रा के बच्चे का जन्म हुआ है। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। - डा. एसके चौधरी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक।

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