जेएनएन, बागपत। लोगों को मास्क लगाने के लिए इसलिए कहा जा रहा है कि वे स्वस्थ रहें और कोरोना का वायरस उन्हें छू न पाए। मास्क ही कोरोना का सबसे बड़ा दुश्मन है। चेहरे पर मास्क है, तो वायरस शरीर में घुस नहीं सकता है। इसी वजह से पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लोगों को मास्क लगाने के लिए कह रहे हैं। इसके प्रति लापरवाही के गंभीर परिणाम सामने आए है।

अक्सर देखने में आया है कि जब बाजार में पुलिस बिना मास्क वालों के खिलाफ कार्रवाई करती है, तो लोग मास्क लगा लेते हैं, लेकिन जब पुलिस और प्रशासन के अधिकारी और कर्मचारी आगे बढ़ जाती है, तो लोग मास्क जेब में रख लेते हैं। लोगों का यह काम प्रशासन को नहीं खुद को धोखा देने वाला है। अफसर नहीं चाहते है कि कोई व्यक्ति बीमार हो या बीमारी को स्वजन तक लेकर जाए। इसी वजह से सभी को मास्क लगाने और दो गज की दूरी के नियमों का पालन करने के लिए बोलते है। कोरोना का इतना प्रकोप बढ़ रहा है कि तेजी से लोग संक्रमित हो रहे है। सभी को सावधानियां हर हाल में बरतनी है। जो गाइडलाइन जारी की गई है उसका पालन करना है।

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दुकानदार हो सकते हैं ज्यादा

संक्रमित, बरतें सावधानियां

कोरोना काल में दुकानदारों को सबसे ज्यादा कोरोना होने का खतरा रहता है, क्योंकि उनके पास लोगों का आना-जाना लगता रहा है। उनमें से पता नहीं चलता कौन कोरोना संक्रमित है। ऐसे माहौल में दुकानदारों को सबसे ज्यादा सावधानियां बरतनी होगी। खुद को मास्क लगाना है कि दुकान पर आने वाले ग्राहकों को भी मास्क लगाने के लिए कहना है। उनके हाथों को सैनिटाइज कराना है। उसके बाद ही सामान दें। दुकानदार छोटे हो या बड़े, या फिर हाथ ठेला लगाने वाले। सावधानियां बरतेंगे तो परेशानियों से बचे रहेंगे।

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--जो लोग लापरवाही बरतते हुए मास्क को जेब में रखकर चलते हैं, उनके लिए कोरोना का वायरस खतरा पैदा कर सकता है। मास्क जेब में रखने के लिए नहीं, चेहरे पर लगाने के लिए है। सभी दुकानदारों को इसके लिए जागरूक होना है और जागरूक करना है। तब जाकर कोरोना जीता जा सकता है।

डा. आरके टंडन, मुख्य चिकित्साधिकारी।

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