बागपत, जेएनएन। शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी आइजी आलोक सिंह ने दो दिवसीय भ्रमण के पहले दिन पुलिस लाइन की व्यवस्था देखी और अफसरों के साथ मीटिग कर अयोध्या विवाद के सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले अलर्ट किया।

आइजी ने सबसे पहले पुलिस लाइन के आवासीय परिसर की साफ-सफाई, बिजली फिटिग, पानी की नालियों की व्यवस्था, भवन का रखरखाव, सब्सिडी कैंटीन, महिला बैरक, चिल्ड्रन पार्क तथा पुलिस लाइन स्थित विभिन्न शाखाओं में अभिलेखों के रखरखाव को चेक किया गया। आवास में रहने वालों से जानकारी की। नालियों में गंदगी और अन्य कमियां मिलने पर नाराजगी जताते हुए सुधार करने के निर्देश दिए। इसके पश्चात राजपत्रित अधिकारियों के साथ मीटिग की। जनपद में घटित अपराधों की रोकथाम मुख्यत: हत्या, डकैती, लूट, महिला संबंधी अपराध दुष्कर्म, छेड़खानी, पंजीकृत गैंगों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई की समीक्षा कर दिशा निर्देश दिए। उसके बाद समन्वय गोष्ठी का आयोजन किया गया। इसमें डीएम शकुंतला गौतम, पुलिस अधिकारी, संयुक्त निदेशक अभियोजन एसपीओ, डीजीसी (क्रिमिनल), जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला आबकारी अधिकारी, एआरटीओ, खनन अधिकारी, ऊर्जा निगम के अधिकारी शामिल रहे। उन्होंने शासन की प्राथमिकताओं एवं प्रचलित योजनाओं तथा अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्थाओं से संबंधित की जा रही कार्यवाही की भी समीक्षा की। शराब तस्करी के लिए अकेला वाहन चालक नहीं जिम्मेदार

एएसपी के मुताबिक आइजी ने कहा कि लगातार कार्रवाई के बावजूद शराब की तस्करी हो रही है। उन्होंने कहा कि शराब तस्करी में अकेला वाहन चालक जिम्मेदार नहीं है। गिरोह का पता लगा उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

Posted By: Jagran

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