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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 26, 2019 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गोकशी करने वाले नौ आरोपित गिरफ्तार, सात फरार

By JagranEdited By:
Published: Wed, 26 Jun 2019 11:58 PM (IST)Updated: Thu, 27 Jun 2019 06:29 AM (IST)

-लंबे समय से बेसहारा गोवंश का कर रहे थे कटान बिनौली पुलिस ने बरनावा गांव में गोकशी करने वाले नौ ...और पढ़ें

गोकशी करने वाले नौ आरोपित गिरफ्तार, सात फरार
गोकशी करने वाले नौ आरोपित गिरफ्तार, सात फरार

बागपत, जेएनएन। बिनौली पुलिस ने बरनावा गांव में गोकशी करने वाले नौ लोगों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। आरोपित बेसहारा गोवंश का कटान कर मीट को मेरठ जिले में बेच देते थे। सात आरोपित फरार चल रहे हैं। गिरफ्तार आरोपितों में आठ आरोपित बरनावा के ही रहने वाले हैं। पुलिस आरोपितों पर गैंगस्टर की कार्रवाई भी करेगी।

बुधवार को एएसपी रणविजय सिंह ने पत्रकार वार्ता में बताया कि सूचना पर पुलिस ने चंदायन गांव के पास हिडन नदी के किनारे गोवंश की खाल और अवशेष बरामद किए थे। इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। जांच में अब्दुल्ला पुत्र इरफान, सत्तार पुत्र मून कुरैशी, इरशाद पुत्र सादिक, शहजाद पुत्र सादिक, सादिक पुत्र वासी उर्फ रफीक, गुलजार पुत्र खुर्शेद, खुर्शेद पुत्र वहीद, असरफ पुत्र अत्थर निवासी बरनावा व शहनवाज पुत्र सत्तार निवासी ग्राम बिचौला थाना इंचौली जनपद मेरठ के नाम प्रकाश प्रकाश में आए। सभी आरोपित गो तस्कर भी हैं। अभी सात आरोपित फरार हैं। एएसपी ने बताया कि आरोपित गोवंश तस्करी और कटान के काम को काफी समय से कर रहे थे और मीट को मेरठ जिले में विभिन्न स्थानों पर बेच देते थे। आरोपित जंगलों में बेसहारा गोवंश को पकड़कर हिडन नदी किनारे ले जाते थे और उनका कटान कर देते थे। सत्तार और असरफ पहले भी गो कटान में जेल जा चुके हैं। आरोपितों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई भी की जाएगी। गिरफ्तार आरोपितों को अदालत में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। बरनावा का है तस्कर और कटान करने वाला गिरोह

--बिनौली इंस्पेक्टर रवेंद्र सिंह के अनुसार मुकदमे में शामिल अधिकांश लोग बरनावा गांव के रहने वाले हैं, जो गोकशी के धंधे में लिप्त हैं। इन लोगों का नेटवर्क दूसरे गांवों में भी फैला हुआ है। ये लोग बरनावा या आसपास क्षेत्र में घूम रहे गोवंश को पकड़ ले आते थे और जंगल में बांधकर रखते थे। रात के समय कटान कर देते थे।