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हिजाब की बंदिश नहीं, बेटियों का करियर जरूरी... इस विश्वास के साथ फुटबाल चैंपियनशिप खेलने पहुंचा मुस्लिम परिवार

By Surendra Kumar Kashyap Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sun, 06 Sep 2026 07:21 PM (IST)

हैदराबाद का एक मुस्लिम परिवार बागपत में आयोजित फुटबॉल चैंपियनशिप में अपनी बेटियों के साथ शामिल हुआ। उनका मानना है ...और पढ़ें

अपने परिवार के साथ बागपत पहुंचे हैदराबाद फुटबाल टीम के कोच मोहम्मद असलम। जागरण

अपने परिवार के साथ बागपत पहुंचे हैदराबाद फुटबाल टीम के कोच मोहम्मद असलम। जागरण

HighLights

  1. मुस्लिम परिवार बेटियों संग बागपत फुटबॉल चैंपियनशिप में शामिल।

  2. हिजाब की बंदिश नहीं, बेटियों के करियर को बताया सबसे जरूरी।

  3. मोहम्मद असलम परिवार बेटियों को फुटबॉल में आगे बढ़ा रहा है।

जागरण संवाददाता, बागपत। गोपीचंद महाविद्यालय, अहैड़ा में चल रही बालक-बालिका वर्ग की नाइन साइड सब जूनियर नेशनल फुटबाल चैंपियनशिप में कई भाषा और सभ्यता का संगम नजर आया। तेलंगाना के हैदराबाद का मुस्लिम परिवार तीन बेटियों के साथ प्रतियोगिता में शामिल हुआ। परिवार का मानना है कि बेटियों पर हिजाब की बंदिश नहीं, उनका करियर जरूरी है। बेटियां हमारा अभिमान हैं। बेटियों के कदमों को धर्म की बेड़ियां कभी नहीं जकड़ पाएंगी।

हैदराबाद निवासी फुटबाल कोच मोहम्मद असलम अपनी फुटबालर पत्नी फौजिया बेगम और तीन बेटियों जैनब अलीना, हाजिया सफा, इका फातिमा के साथ प्रतियोगिता में शामिल हुए हैं। मोहम्मद असलम यूनाइटेड फुटबाल एकेडमी चलाते हैं, जहां वे फुटबाल खिलाड़ियों की फौज तैयार कर रहे हैं। मोहम्मद असलम बताते हैं कि पूरा परिवार फुटबाल के खेल से जुड़ा है। उनके पिता मोहम्मद अली से परिवार में फुटबाल की शुरुआत हुई।

पिता हैदराबाद में पुलिस टीम के कोच रहे। पिता को देखकर ही पांच भाइयों को फुटबाल का ऐसा जुनून सवार हुआ कि जब भी समय मिलता तभी मैदान में खेलने पहुंच जाते थे। उन्होंने बताया कि शादी भी फुटबाल प्लेयर फौजिया बेगम से की है। उनकी तीन बेटियां हैं, जिनमें 13 साल की जैनब अलीना, नौ वर्ष की हाजिया सफा और छह वर्ष की इका फातिमा है।

बड़ी बेटी तेलंगाना में इंटर डिस्ट्रिक्ट प्रतियोगिता खेल चुकी है। दोनों बड़ी बेटियों में फुटबाल का जुनून है। छोटी बेटी को भी तैयार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मजहबी दीवार उनके बेटियों के कदमों को नहीं रोक पाएंगी। बेटियों पर हिजाब की बंदिश नहीं रहेगी, क्योंकि करियर अहम है।

अपनी बेटियों को वह ऐसे संस्कार दे रहे हैं कि वह कभी गलत रास्ते पर नहीं चलेंगी। हर माता-पिता से अपील करते हैं कि बेटियों के सपनों को पूरा करें। उन पर किसी तरह का दबाव न बनाएं। उन्हें खेलों की ओर बढ़ाएं, क्योंकि बेटियां हमारे सर का ताज हैं।

बड़े भाई भी अपनी बेटियों के साथ आए
मोहम्मद असलम ने बताया कि प्रतियोगिता में बड़े भाई मोहम्मद अकबर भी अपनी बेटी मरियम और हुरिया के साथ प्रतियोगिता में शामिल हुए। बेटियों ने प्रतिभाग किया। भाई तेलंगाना पुलिस में कार्यरत हैं। अन्य भाई भी फुटबाल के खेल से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बताया कि उनके भाई मोहम्मद खेजर पांच इंटरनेशनल मुकाबलों में प्रतिभाग कर चुके हैं। जबकि मोहम्मद आजम तेलंगाना पुलिस में हैं और मोहम्मद हकीम फुटबाल के कोच हैं।