बागपत डीएम दिव्यांशु पटेल ने कहा- मुझे सीधी बात करना पसंद; पांच बजे वाले IAS के नाम से हुए चर्चित
नवागत जिलाधिकारी दिव्यांशु पटेल ने बागपत के विकास के लिए नवाचार, जनसहभागिता और सतत विकास को अपनी कार्ययोजना के तीन स्तंभ बताया है।

HighLights
नवाचार, जनसहभागिता और सतत विकास कार्ययोजना के स्तंभ।
नागरिक जीवन को सहज, सुविधाजनक और आधुनिक बनाना लक्ष्य।
भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस, छोटे उद्योगों को बढ़ावा।
जागरण संवादाता, बागपत। नवागत जिलाधिकारी दिव्यांशु पटेल ने कहा कि इधर-उधर के बजाय उन्हें सीधी और स्पष्ट बात करना पसंद है। मेरा विजन सिर्फ फाइलों में विकास दिखाना नहीं, बल्कि नागरिक जीवन को अधिक सहज, सुविधाजनक और आधुनिकता से परिपूर्ण बनाना है। बागपत दिल्ली एनसीआर के करीब है। इसमें अपार संभावनाएं हैं। सभी के साथ तालमेल बनाकर जनपद के विकास के लिए कार्य करेंगे।
2017 बैच के आईएएस हैं दिव्यांशु पटेल
मुरादाबाद के नगर आयुक्त दिव्यांशु पटेल का सोमवार की रात बागपत जिलाधिकारी के पद पर तबादला हुआ है। बागपत डीएम अस्मिता लाल को शासन में विशेष सचिव पिछड़ा वर्ग कल्याण बनाया गया है। दिव्यांशु 2017 बैच के आईएएस हैं।
डीएम के रूप में उनका यह पहला चार्ज है। मूल रूप से आंबेडकर नगर जनपद के रहने वाले दिव्यांशु के पिता डा. एपी वर्मा बलरामपुर के एमएलके महाविद्यालय में एसोसिएट प्रोफेसर हैं। उनकी परास्नातक की शिक्षा जेएनयू से हुई है।
तीन स्तंभों पर होगी कार्ययोजना
दैनिक जागरण से फोन पर बातचीत में दिव्यांशु ने कहा कि मेरी कार्ययोजना तीन स्तंभों पर होगी, नवाचार, जनसहभागिता और सतत विकास। हम प्रशासन में नवाचार लाएंगे। कई योजनाओं का क्रियान्वयन अभी भी पुराने तरीके से होता है, उसे टेक्नोलाजी से जोड़ेंगे।
जैसे जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, खतौनी या शिकायतों के लिए लोगों को बार-बार दफ्तर न आना पड़े। दूसरा, बिना जनसहभागिता के कोई भी विकास टिकाऊ नहीं हैं। मैं चाहता हूं कि विकास कार्यों में जनता खुद भागीदार बने। गांव की सफाई हो या तालाबों का जीर्णोद्धार, जब तक लोग खुद नहीं जुड़ेंगे, बदलाव नहीं आएगा।
बागपत को मिलना राजधानी का लाभ
बागपत की एक ऐतिहासिक और कृषि प्रधान छवि है, लेकिन हमें इसे नया आयाम देना है। बागपत साफ-सुथरा और सुंदर दिखे, इस पर भी काम होगा। जिले में सभी वर्गों के बीच समन्वय और सद्भाव बना रहे, यह मेरी व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी।
दिल्ली के करीब होने का लाभ बागपत को मिलना चाहिए। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बनाने के लिए छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में काम करेंगे। भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस की नीति प्रभावी रहेगी और शासन की प्राथमिकताओं पर जमीनी स्तर पर काम होगा।
इसलिए चर्चित रहे पटेल
दिव्यांशु को मुरादाबाद में पांच बजे वाला आईएएस कहा जाता है, वह प्रतिदिन सुबह 5.15 बजे सड़कों पर निकलकर सफाई कार्य का निरीक्षण करते थे और व्हाट्सएप ग्रुप पर फोटो डालते थे। इनके कार्यकाल में मुरादाबाद जनपद स्वच्छता सर्वेक्षण में 131वीं रैंक से टाप 10 में आ गया। वहीं टैक्स में 38 करोड़ से 165 करोड़ तक आमदनी पहुंचाने की उपलब्धि भी हासिल की है।
