बागपत, जेएनएन। ऊर्जा निगम के निजीकरण की प्रक्रिया का विरोध शुरू हो गया है। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उप्र के बैनर तले कर्मियों और अधिकारियों ने सोमवार की शाम मशाल जुलूस निकालकर कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। निवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र स्थित अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर ऊर्जा निगम अधिकारी-कर्मियों ने बैठक कर ऊर्जा निगम के निजीकरण नहीं करने की मांग सरकार से की है।

इसके उपरांत संघर्ष समिति के संयोजक मनोहर सिंह के नेतृत्व में शाम छह बजे मशाल जुलूस शुरू कर नारेबाजी कर एक किमी दूर कलक्ट्रेट पहुंचकर डिप्टी कलक्टर को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन दे पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का विरोध किया। निजी कपंनी मुनाफे को काम करती है, जबकि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम जनता व सरकार के लिए काम करता है।

पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के बाद पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम का निजीकरण होगा, लेकिन ऊर्जा निगम कर्मचारी और अधिकारी ऐसा नही होने देंगे। इसके लिए चाहे कितना ही आंदोलन क्यों न करना पड़े। ऊर्जा निगम के निजीकरण होते ही जनता को भी महंगी बिजली मिलेगी और सरकार को भी राजस्व का नुकसान होगा। निजीकरण नहीं करने की मांग की। इस दौरान राणा प्रताप सिंह, मनोहर सिंह, ब्रजेश कुमार, रविद्र कुमार, गुलशन कुमार कन्नौजिया, मनोज गुप्ता और रामनिवास आदि मौजूद रहे।

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