बागपत, जेएनएन। जिले में आवारा कुत्ते खूंखार हो गए हैं। वे बच्चों और बड़ों पर हमला कर रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक माह जिले में करीब दो-तीन हजार लोगों को एंटी रैबीज का इंजेक्शन लग रहा है। कई सीएचसी में इंजेक्शन खत्म हो गए है। प्रशासन से हमलावर कुत्तों का इंतजाम करने की मांग की जा रही है।

गांव के हर बस्ती और शहर के मोहल्लों में भरमार हो गई है। राह चलते लोगों पर हमला बोल रहे है। इस वजह से स्वास्थ्य विभाग को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लोगों में कुत्तों की दहशत इतनी है कि पंजा लगने पर ही सीएचसी या जिला अस्पताल में इंजेक्शन लगवाने के लिए पहुंच जाते हैं।

बड़ौत सीएचसी में भी शनिवार को एंटी रैबीज इंजेक्शन नहीं लगाए जाने पर पीड़ितों ने हंगामा किया। डॉक्टरों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश कार्यकारी सदस्य प्रांजल शर्मा और सचिन दीक्षित ने सीएचसी में इंजेक्शन खत्म होने की शिकायत सीएमओ से की थी। उन्होंने जिला अस्पताल में इंजेक्शन लगवाया।

सीएमओ डॉ. राजकिशोर टंडन ने दावा किया है कि कुत्ते काटे के एंटी रैबीज इंजेक्शन सीएचसी और जिला अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में है। बड़ौत सीएचसी में इंजेक्शन खत्म हो गई इसकी जानकारी नहीं है। अगर खत्म भी हो गए हैं तो जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे।

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पशु कटान स्थलों पर ज्यादा

खतरनाक हुए कुत्ते

जिले में पशु कटान स्थल और मुर्दा मवेशी स्थल पर कुत्ते ज्यादा खतरनाक हो गए हैं। इसके आस-पास से गुजरने वाले लोगों पर वे हमला कर रहे हैं। कुत्तों के बराबर से गुजरते हुए भी लोग डरे रहते हैं। शिकायत करने के बाद भी संबंधित अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

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टीम बनाकर की जाएगी

कुत्तों की नसबंदी

सीवीओ डॉ. रविद्र कुमार ने कहा कि कुत्ते लोगों पर हमला कर रहे हैं, इसकी जानकारी नहीं है। अगर ज्यादा शिकायतें आती हैं तो कुत्तों की नसबंदी कराने की कार्रवाई टीम बनाकर की जाएगी।

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अलग से बनाया इंजेक्शन रूम

जिलेभर में करीब दो-तीन हजार लोगों को एंटी रैबीज इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। छह सीएचसी हर 50-60 और एक जिला अस्पताल आंकड़ा 70 के करीब इंजेक्शन लगवाने वालों की संख्या पहुंच जाती है। स्वास्थ्य विभाग की ओर इंजेक्शन के लिए अलग से रूम बनाया गया है।

Posted By: Jagran

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