जेएनएन, बागपत: डीएम राज कमल यादव के निर्देश पर कोरोना को हराने को डाक्टरों ने होम आइसोलेट मरीजों की सेहत की जानकारी ली। सीएचसी बागपत अधीक्षक डा. विभाष राजपूत, डा. विजय व अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. भुजबीर सिंह तथा तहसीलदार प्रसून कश्यप ने कंटेंटमेंट जोन सादुल्लापुर गांव का भ्रमण कर मरीजों का हाल जानकर हौसला बढ़ाया।

कंटेंटमेंट जोन में बाहरी व्यक्ति घूमता मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। अपील की कि कोरोना लक्षणयुक्त मिलने पर कोविड कंट्रोल रूम 0121-2220027 पर काल करें, ताकि उपचार करा सकें। डाक्टरों ने कहा कि बीमारी को कतई नजर अंदाज न करें और न शर्म महसूस करें। परेशानी महसूस होने पर तत्काल अपना चेकअप कराएं। मास्क लगाएं और शारीरिक दूरी बनाकर रहें। घबराएं नहीं, क्योंकि इससे इम्युनिटी पावर कमजोर होती है। कोरोना को हराने के लिए इम्युनिटी पावर मजबूत करें।

आरटी-पीसीआर जांच को भटकते रहे खेकड़ा ब्लाक के लोग

खेकड़ा : ब्लाक के गांव में आरटी-पीसीआर जांच नहीं होने से बीमार लोगों को संक्रमण की जानकारी नहीं हो पा रही है। इससे आए दिन क्षेत्र के किसी न किसी गांव में बुखार के कारण लोगों की मौत हो रही है।

कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग रोजाना गांव में जांच व प्रशासन सैनिटाजेशन कराने के दावे करता है। पर ब्लाक के रटौल, लहचौड़ा, फिरोजपुर, सिगौलीतगा, मवीकलां गांव में दर्जनों लोग की मौत हो चुकी हैं। ग्रामीणों में इतना खौफ है कि ग्रामीणों ने घर से बाहर तक निकलना बंद कर दिया है। कई गांव में विभाग की टीम आरटी-पीसीआर जांच के लिए नहीं पहुंची है। कई में सैनिटाइज भी नहीं कराया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि काफी लोग बुखार की गिरफ्त में है। जांच नहीं होने के कारण प्राइवेट डाक्टर से इलाज करा रहे हैं। इनमें कई की मौत हो चुकी है। अगर विभाग जांच कराए तो संक्रमितों को अस्पताल भर्ती कराकर जान बचाई जा सकती है। इसके लिए गांव से कई बार फोन अधिकारियों से मांग भी की जा चुकी हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने डीएम से गांव में जांच कराए जाने की मांग की है।