जेएनएन, बागपत। मेरठ से 16 मरीजों में डेंगू की पुष्टि होने पर अब जिले में 27 मरीज डेंगू के हो गए हैं। स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है, वहीं क्षेत्र के लोगों भी सहम गए है। जिन मरीजों में पुष्टि हुई है, उनके आस-पास एंटी लार्वा का छिड़काव किया जा रहा है। हेल्थ कैंप लगाकर उपचार किया जा रहा है। बुखार से बचाव के लिए जागरूक भी कर रहे हैं।

बारिश के बाद डेंगू का मच्छर एडिस एजिप्टाई का डंक ज्यादा जहरीला हो गया है। लोग डेंगू से ग्रस्त हो गए हैं। कई की जान भी जा चुकी हैं। जिले में डेंगू से पीड़ितों की संख्या में दिनो दिन संख्या बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग से मिले आंकड़े के अनुसार 16 और लोग डेंगू से पीड़ित हो गए हैं। अब जिले में डेंगू मरीजों की संख्या अब 27 पर पहुंच गई हैं। वहीं मंगलवार को भी करीब दस और लोग डेंगू के संदिग्ध मिले, जिनके नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए है। सीएमओ डा. दिनेश कुमार ने बताया कि डेंगू के मरीज लगातार मिल रहे हैं। संबंधित क्षेत्रों की सीएचसी को अलर्ट किया हुआ है। जहां मरीज मिल रहे है, वहां सर्वे कराया जा रहा है और हेल्थ कैंप लगाकर इला करा रहे है। एंटीलार्वा का भी लगातार छिड़काव कराया रहे है। लोगों को जागरूकता बरतने के लिए प्रेरित कर रहे है और उपाय भी बता रहे है।

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डंडे के जोर पर हो रहा मरीजों का इलाज

--जिला अस्पताल में बुखार के उपचार के लिए मरीज पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां डाक्टर नहीं बैठ रहे। एक फिजिशियन की ओपीडी के बाहर मरीजों की लाइन तो लगी रहती है, लेकिन वहां होमगार्ड की सुरक्षा इतनी पुख्ता है कि मरीजों को डंडे के जोर पर डाक्टर के पास भेजता है। कोई कुछ बोलता है, तो उसे धमकाते हुए चुप कर दिया जाता है। बेबस मरीज या तो शांत हो जाते है या फिर बिना इलाज कराए ही चले जाते है। मंगलवार को यह सब स्थिति बनी रही है। कोई भी अधिकारी का हस्तक्षेप नहीं है, जिस कारण चिकित्सक निरकुंश हो गए है। सीएमएस डा. बीएलएस कुशवाह ने कहा कि डाक्टर ओपीडी रहकर इलाज करते है। होमगार्ड मरीज को धमकाता है तो वो उनका स्वभाव है। उन्हें समझा दिया जाएगा।

Edited By: Jagran