दिल्ली-देहरादून हाईवे से उद्यमियों को मिलेगा लाभ, आवाजाही आसान होने से घटेगी उत्पाद की लागत
दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे बागपत के उद्यमियों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। यह यात्रा समय को कम करेगा, जिससे पेट्रोल-डीजल की बचत होगी और उत्पादन लागत घटेगी।

HighLights
समय और ईंधन की बचत से उत्पादन लागत घटेगी।
बेहतर कनेक्टिविटी से बागपत का औद्योगिक विकास होगा।
कृषि आधारित उद्योगों को बड़े बाजार तक पहुंच मिलेगी।
जागरण संवाददाता, बागपत। दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे बागपत के उद्यमियों के लिए गेम-चेंजर साबित होगा। बागपत से सहारनपुर तक सफर में दो घंटे, हरिद्वार तक ढाई से तीन घंटे तथा देहरादून तक सफर में चार-साढ़े चार घंटे का समय बचेगा।
न केवल समय बचेगा बल्कि पेट्रोल-डीजल की बचत से उद्यमियों की उत्पादन लागत घटेगी तथा कनेक्टिविटी शानदार होने से बागपत औद्योगिक विकास में फर्राटा भरेगा। छोटे उद्यमियों खासकर कृषि आधारित उद्योगों के उत्पादन की पहुंच बड़े बाजार तक होगी।
अब दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे लोकार्पण के लिए तैयार हो गया है। मवीकलां से अक्षरधाम दिल्ली तक एलिवेटेड रोड भी ग्रीनफील्ड हाईवे का हिस्सा है जो चालू है। इससे लोगों का दिल्ली तक सफर में औसतन एक घंटे का समय बचने लगा।
अब 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लोकार्पण करने से ग्रीनफील्ड हाईवे बागपत के लिए देहरादून तक खुलेगा। बागपत में ग्रीनफील्ड हाईवे पर प्रवेश और निकास के लिए मवीकलां, अग्रवाल मंडी टटीरी तथा बिजरौल में इंटरचेज हैं।
उद्यमियों का मानना है कि इसके चालू होने पर यात्रा का समय कम होगा। ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिलेगा। लाजिस्टिक्स, रियल एस्टेट, पर्यटन, कृषि-आधारित उद्योगों को गति मिलने से नई फैक्ट्रियां लगेंगी और उत्पादन एवं व्यापार की लागत में कमी आएगी।
बनेगा औद्योगिक गलियारा
यूपीसीडा ने भागोट तथा फुलेरा समेत 12 गांवों में दो हजार हेक्टेयर जमीन चिन्हित कर औद्योगिक गलियारा विकसित कराने का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इन गांवों की ग्रीनफील्ड हाईवे से कनेक्टिविटी है।
