200 KM की गति से दौड़ती थार पर ARTO का एक्शन, दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर पर रिकॉर्ड तोड़ रही वाहनों की रफ्तार
दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर पर वाहनों की ओवर-स्पीडिंग चिंता का विषय बन गई है, जहां एक थार गाड़ी 200 किमी/घंटा और फॉर्च्यूनर 180 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ती मिली।

बागपत में दिल्ली देहरादून इकोनॉमिक कारीडोर पर दौड़ते वाहन।
HighLights
दून कॉरिडोर पर थार 200 किमी/घंटा की रफ्तार से मिली।
साढ़े चार माह में 1,083 ओवर-स्पीड वाहनों का चालान हुआ।
एआरटीओ ने यातायात नियमों के पालन की अपील की।
जागरण संवाददाता, बागपत। दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कारिडोर पर वाहनों की रफ्तार ने रिकार्ड तोड़ दिया है। इस पर अधिकतम स्पीड 100 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित है, इसके बावजूद यहां पर एक थार गाड़ी 200 की स्पीड पर फर्राटे भरती मिली। इसका पता एआरटीओ कार्यालय के इंटरसेप्टर की जांच में पता चला है। इसी तरह एक फार्च्यूनर गाड़ी 180 की स्पीड पर दौड़ती मिली।
पिछले करीब साढ़े चार माह में 1,083 वाहन ओवर स्पीड पर मिले हैं, जिनके चालान किए गए। चंद सेकेंड की जल्दबाजी में वाहन चालक अपनी और दूसरे की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे है। जरूरी है कि सफर करते समय यातायात नियमों का पालन करें।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गत 14 अप्रैल को इकोनामिक कारिडोर का उद्धाटन किया था। यह छह लेन है। कार की निर्धारित स्पीड 100 किमी. प्रति घंटा और ट्रक-बस की स्पीड 80 किमी प्रति घंटा है। इसकी अनदेखी करते हुए चालक हवा की तरह वाहनों को दौड़ा रहे हैं। एआरटीओ विपिन कुमार ने इंटरसेप्टर से कारिडोर पर पहुंचकर इंटरसेप्टर से चेकिंग की तो वाहनों स्पीड ने चौंका दिया। बड़ी संख्या में वाहन ओवरस्पीड दौड़ते दिखाई दिए।
एक थार गाड़ी 200 और फार्च्यूनर गाड़ी 180 किमी प्रति घंटे की स्पीड पर दौड़ती मिली। ये दोनों दिल्ली से देहरादून की ओर जा रही थी। थार गाड़ी दिल्ली और फार्च्यूनर गाड़ी देहरादून के नाम पंजीकृत है। 130 से 160 किमी प्रति घंटा की स्पीड पर दौड़ने वाले वाहनों की संख्या 500 से अधिक पहुंच गई है। सड़क दुर्घटना की मुख्य वजह भी ओवरस्पीड माना जा रहा है। कारिडोर पर कई घटना तो खड़े ट्रक व अन्य वाहनों से दूसरे वाहनों के टकराने से हुई है। ऐसे में कई लोगों की जान जा चुकी है।
प्रतिबंधित है दोपहिया व तीन पहिया वाहन
इकोनामिक कारिडोर पर दुपहिया, थ्री व्हीलर और ट्रैक्टर-ट्राली का आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित है। इस संबंध में एनएचएआइ द्वारा एडवाइजरी जारी कर रखी है। इसके बावजूद प्रतिबंधित वाहन दौड़ते हैं।
स्टंट कर वीडियो करते है प्रसारित
कार व दोपहिया वाहन कारिडोर पर दौड़ते हुए मोबाइल से वीडियो बनाकर युवा इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित करते रहते हैं। कई वीडियो पर संज्ञान लेते हुए पुलिस वाहनों के चालान कर चुकी है।
दौड़ते हुए ट्रक का फट गया था टायर
इकानोमिक कारिडोर पर दौड़ते हुए ट्रक का टायर फट गया था। इससे अनियंत्रित होकर ट्रक पलट गया था। उसमें सवार 24 वर्षीय समीर और 19 वर्षीय सुहैब निवासीगण बागपत घायल हो गए थे।
जानिए किस सड़क पर किस स्पीड से चलाए वाहन
ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे (ईपीई) पर वाहन की अधिकतम 120 किमी प्रति घंटा की स्पीड निर्धारित है।
दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कारिडोर पर वाहनों की अधिकतम स्पीड 100 किमी प्रति घंटा निर्धारित है।
दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे और मेरठ-बागपत-सोनीपत हाईवे पर वाहन की अधिकतम 80 किमी. प्रति घंटा की स्पीड निर्धारित है।
मेरठ-बड़ौत हाईवे पर अधिकतम 60 किमी. प्रति घंटा की स्पीड निर्धारित है।
ब्लैक स्पाट पर अधिकतम 30 किमी. प्रति घंटा की स्पीड निर्धारित है।
आबादी क्षेत्र में अधिकतम 30 किमी. प्रति घंटा की स्पीड निर्धारित है।
गेस्ट हाउस के पास अधिकतम 30 किमी. प्रति घंटा की स्पीड निर्धारित है
शहरी क्षेत्र में 20-30 किमी. प्रति घंटा की स्पीड निर्धारित है।
डीएम कार्यालय के पास 20 किमी. प्रति घंटा की स्पीड निर्धारित है।
किस वजह से कितने हुए हादसे
यातायात नियम तोड़ने पर 90 प्रतिशत
ओवरस्पीड की वजह से 40 प्रतिशत
गलत दिशा में वाहन चलाने पर 11.7 प्रतिशत
ब्लाक स्पाट पर 35 प्रतिशत
वाहन चलाते समय मोबाइल इस्तेमाल पर 11.5 प्रतिशत
मद्यपान करके वाहन चलाने पर 10.6 प्रतिशत
नींद में वाहन चलाने, सड़क पर कम दिखाई देने, इंजीनियरिंग दोष से 26.8 प्रतिशत
हादसों में 90 प्रतिशत जान पुरुषों की गई, इनमें 60 प्रतिशत युवा शामिल।
यातायात के नियमों का पालन करें
दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कारिडोर पर पिछले करीब साढ़े चार माह में 1,083 वाहन ओवर स्पीड पर मिले है। इनमें एक थार गाड़ी 200 और फार्च्यूनर गाड़ी 180 किमी प्रति घंटा की स्पीड पर दौड़ती मिली है। प्रत्येक वाहन का दो हजार रुपये का चालान किया गया है। वाहन चालकों से अपील है कि यातायात नियमों का पालन करें।
विपिन कुमार, एआरटीओ
