दिल्ली-देहरादून इकोनामिक काॅरिडोर पर 'पुलिस' लिखी कार का सवार पौधे चोरी कर ले गया, घटिया हरकत CCTV में कैद
Delhi-Dehradun Economic Corridor: दिल्ली-देहरादून इकोनामिक काॅरिडोर पर लगे पौधे चोरी करते हुए एक व्यक्ति सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया ...और पढ़ें

पुलिस लिखी कार के सवार ने इकोनामिक काॅरिडोर से की पौधा चोरी
HighLights
एनएचएआइ कार सवार की पहचान करने में जुटा।
इकोनामिक काॅरिडोर पर रखे गए हैं शोभाकार पौधे।
जागरण संवाददाता, बड़ौत (बागपत)। लखनऊ में पिछले वर्ष दिसंबर में ढाई करोड़ की गाड़ी सवार द्वारा 45 रुपये का गमला चोरी का मामला चर्चा में रहा था। ऐसा ही एक मामला दिल्ली-देहरादून इकोनामिक काॅरिडोर पर सीसीटीवी में कैद हुआ है।
इसमें दिल्ली की ओर से आती सफेद रंग की एक वैगनआर कार अग्रवाल मंडी टटीरी और बड़ौत के बीच काॅरिडोर पर रुकती है। कार से एक व्यक्ति उतरकर डिवाइडर की रेलिंग के अंदर से पौधे उठाकर कार में रखता है और चला जाता है। बताया जा रहा है कि घटना 28 सितंबर की शाम 5:14 बजे की है। कार पर ‘पुलिस’ भी लिखा हुआ है। हालांकि, फुटेज के आधार पर अभी व्यक्ति की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है।
दरअसल, इकोनामिक काॅरिडोर को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया गया है। सड़क के डिवाइडर और अन्य स्थानों पर हरियाली बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रजाति के शोभाकार पौधे लगाए गए हैं। इनके रखरखाव और संरक्षण पर भी लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
ऐसे में लगाए गए पौधों का चोरी होना व्यवस्था के साथ-साथ लोगों की जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़ा करता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि लाखों रुपये कीमत की कार में सफर करने वाला व्यक्ति आखिर चंद रुपये के पौधे को क्यों चोरी कर ले गया?
लोगों का कहना है कि कारिडोर पर सफर करने वाले वाहन चालक टोल टैक्स भी देते हैं, ऐसे में उसी मार्ग की हरियाली को नुकसान पहुंचाना चिंता का विषय है। यह घटना पौधों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। यदि सीसीटीवी में घटना रिकार्ड नहीं होती तो पौधे चोरी होने की जानकारी भी आसानी से सामने नहीं आती।
इस घटना ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि सड़क और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा केवल विभाग की जिम्मेदारी है या उस पर चलने वाले हर व्यक्ति की भी उतनी ही जिम्मेदारी है।
इस संबंध में एनएचएआइ के पीडी नरेंद्र सिंह का कहना है कि काॅरिडोर से कार सवार एक व्यक्ति पौधे चोरी करता हुआ सीसीटीवी में कैद हुआ है। फुटेज के आधार पर आरोपित व्यक्ति का पता लगाया जा रहा है।
