बागपत, जेएनएन। प्रदेश सरकार बेसहारा गोवंशी पशुओं की देखभाल के लिए भरपूर बजट दे रही है, लेकिन आडिट के लिए ब्योरा मांगने पर अधिकारियों ने 28 गोशालाओं का रिकार्ड नहीं दिया। वरिष्ठ लेखा परीक्षक ने इसमें वित्तीय अनियमितता किए जाने की आशंका जताई है।

स्थानीय निधि लेखा परीक्षा उप्र बागपत के वरिष्ठ लेखा परीक्षक आनंद कुमार जैन ने डीएम को भेजी रिपोर्ट में कहा कि नगर पालिका बड़ौत, ग्राम पंचायत सिसाना, हिसावदा बिनौली, जिवानी और फजलपुर ने गोवंशी पशुओं पर खर्च का आंशिक रिकार्ड दिया। बाकी किसी ग्राम पंचायत तथा नगर निकाय ने रिकार्ड नहीं दिया है।

आडिट कराने को रिकार्ड नहीं देने से गंभीर वित्तीय अनियमितता की आशंका जताई और डीएम से अनुरोध किया कि संबंधित रिकार्ड उपलब्ध कराने को अधिकारियों को आदेशित करें। डीएम ने ईओ और बीडीओ को आडिट कराने का आदेश दिया। चेताया कि विलंब होने पर संबंधित अधिकारी स्वयं उत्तरदायी होंगे। बागपत में 28 गो आश्रय स्थल एवं गो संरक्षण केंद्र में 3400 बेसहारा गोवंशी पशु हैं।

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गो संरक्षण केंद्र खोलने

को मिली जमीन

बागपत: मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डा. रमेश चंद्र ने बताया कि बागपत में दो गो संरक्षण केंद्र खुलने हैं। इनमें प्रत्येक पर 1.20 करोड़ रुपये खर्च होंगे। एक गो संरक्षण केंद्र खोलने के लिए काकोर में 14 बीघा जमीन मिल गई जिसपर 250 बेसहारा गोवंशी पशुओं के लिए गो संरक्षण केंद्र बनेगा।

परीक्षा निरस्त होने के विरोध में धरना देंगे आज

बागपत: किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनु मलिक ने ने प्रेस नोट जारी कर कहा कि टीईटी की परीक्षा निरस्त होना सरकार की विफलता है। इससे लाखों युवाओं की उम्मीदों पर पानी फिरा है। सोमवार को डीआइओएस कार्यालय पर किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ता प्रात: 12 बजे प्रदर्शन कर धरना देंगे। जासं

Edited By: Jagran