जासं, बड़ौत (बागपत): कोतवाली से 31 मार्च की तड़के हवालात के सरिए तोड़कर फरार हुआ 25 हजार का इनामी बदमाश बुधवार सुबह पुलिस मुठभेड़ में घायल हो गया। उसके पैर में गोली लगी है। पुलिस ने आरोपित के पास से तमंचा और बाइक बरामद की है। आरोपित को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से उपचार के बाद उसे जेल भेजा गया है।

इंस्पेक्टर राकेश कुमार सिंह ने बताया कि सुबह लगभग साढ़े चार बजे सूचना मिला कि शाबिर पुत्र शब्बीर निवासी पिठलोकर, थाना सरधना जिला मेरठ औसिक्का में किसी की हत्या करने जा रहा था। वह बड़ौत-मेरठ मार्ग स्थित नागेश्वर मंदिर के सामने राजवाजे से होता हुआ जाएगा। पुलिस ने आसपास जाल फैला दिया। बिनौली की ओर से जैसे ही शाबिर बाइक पर आया तो पुलिस ने उसे रोकने का प्रयास किया, लेकिन उसने अपनी बाइक राजवाहे की ओर मोड़कर गुराना की ओर भागना चाहा। उसने तमंचे से पुलिस पर फायर भी झोंक दिया, जिसमें दारोगा मोहम्मद उवैस बाल-बाल बच गए। पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए गोली चलाई तो एक गोली उसके दाहिने पैर में लगी, जिसके बाद वह बाइक समेत सड़क पर गिर गया। पुलिस ने उसे दबोच लिया और सीएचसी में भर्ती कराया, जहां से उसे जिला अस्पताल में रेफर कर दिया। उसके बाद उसे अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस टीम में दारोगा मानवेंद्र, कांस्टेबल, विकास, अवतार, सचिन, नरेंद्र, एंपिल आदि शामिल थे। हथियारों की फैक्ट्री में तमंचे बनाता पकड़ा था शाबिर

इंस्पेक्टर ने बताया कि 31 मार्च को पुलिस ने औसिक्का गांव में प्रधान के भाई तासीन के मकान में छापा मारा था तथा भारी मात्रा में हथियार बरामद किए थे। वहां पर हथियार बनाने का काम चलता था। पिठलोकर का रहने वाला शाबिर बिनौली गांव में किराए पर कमरा लेकर रहता था और सुबह औसिक्का आता था शाम तक हथियार बनाकर बिनौली लौट जाता था। पुलिस दोनों आरोपितों को गिरफ्तार कर कोतवाली ले आयी और हवालात में बंद कर दिया, लेकिन शाबिर ने सुबह मौका पाकर हवालात में लगे सरिए तोड़ दिए और फरार हो गए। उसके बाद पुलिस ने आरोपित पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया था। खतौली में काटी फरारी

आरोपित शाबिर ने बताया कि उसके साथी तहसीन ने उससे कहा था कि मेरी तो जमानत परिवार के लोग करा देंगे, लेकिन तेरी जमानत कोई नहीं कराएगा, इसलिए तड़के का समय है और यहां से फरार हो जा। उसके बाद उसने हवालात के सरिए तोड़ दिए और कोतवाली में पीछे दीवार फांदकर फरार हो गए। वह बिनौली पहुंचा और अपनी पत्नी और बच्चों को लेकर खतौली में पहुंचा। उसके बाद से ही वह खतौली में ही रहा।

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