बागपत, जेएनएन। जैन मंदिरों में छठे दिन उत्तम संयम धर्म को अंगीकार किया गया। श्रद्धालुओं ने श्री जी की पूजा अर्चना की और विधान मंडलों में 121 अ‌र्घ्य समर्पित किए। भक्ताम्बर स्त्रोत का पाठ भी किया गया। शाम के समय प्रतियोगिताएं कराई गई, जिसके विजेताओं को जैन संगठनों की ओर से सम्मानित किया।

दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में बुधवार को मयंक जैन के निर्देशन निर्देशन में दशलक्षण महापर्व के छठे दिन सुबह के समय श्री नेमी नाथ भगवान की मुख्य वेदी में मंत्रोचार द्वारा भगवान का अभिषेक किया गया। विधान के लिए भगवान पारसनाथ की प्रतिमा को मंदिर प्रांगण में पांडुक शिला पर विराजमान कर अभिषेक किया और शांति धारा कराई। शांतिधारा करने का सौभाग्य सोनू जैन, विजय जैन, रजत जैन को प्राप्त हुआ। महापर्व की पूजा में उत्तम संयम धर्म की पूजा प्रारंभ की। पारसनाथ भगवान विधान का आयोजन किया, जिसमें प्राची जैन, संजीव जैन, सुनीता जैन, अरनव आदि किया गया। विधान की क्रियाएं कराते समय श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रांगण में विराजमान पारसनाथ भगवान के सम्मुख बनाए गए मांडले पर 121 अ‌र्घ्य को समर्पित किया। उत्तम संयम धर्म पर प्रकाश डालते हुए मयंक जैन ने बताया कि व्यक्ति को हमेशा अपने आप पर संयम रखना चाहिए। क्रोध के समय शांत मन से अपनी बात को अच्छी और शुद्ध रखनी चाहिए। संध्या कालीन कार्यक्रमो में सर्व प्रथम 48 दिवसीय भक्ताम्बर स्त्रोत का पाठ किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम में तंबोला प्रतियोगिता शुरू हुई जिसमें सभी ने धार्मिक प्रश्न पूछे गए और तंबोला प्रतियोगिता के सभी विजेताओं को जैन सेवा संघ बागपत द्वारा सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में पीयूष जैन, पंकज जैन, मुन्ना जैन, अतुल जैन, संजीव जैन, विनीत जैन, सार्थक जैन, ऋषभ जैन, यश जैन, तरुण जैन विकास जैन कमल, अनमोल, कामिनी जैन, सुषमा जैन, सुशीला जैन, पालकी जैन, बबिता जैन आदि मौजूद रहे। अमीनगर सराय में स्थित पा‌र्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में पर्युषण पर्व तीनों लोक महामंडल विधान में पूजा अर्चना की गई और अ‌र्घ्य समर्पित किए। विधानाचार्य शिवम शास्त्री ने मंत्रोचार के साथ श्री जी का विशेष जलाभिषेक कराया। उत्तम संयम धर्म की आराधना की गई। कार्यक्रम का संचालन दिनेश जैन ने किया। राकेश जैन, अरुण जैन, सुधारस जैन, प्रवीण जैन, पंडित बाबूराम जैन, राजेश जैन आदि मौजूद रहे।

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