बागपत, जेएनएन। पारिवारिक कलह के कारण बुलंदशहर में गोली मारकर खुदकशी करने वाले सिपाही का शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। पति के शव से पत्नी लिपट गई और आंखों से आंसू की धारा बहती रही। इस दौरान पत्नी कई बार बेहोश हुई। तैसे तैसे महिलाओं ने पत्नी को संभाला। गमगीन माहौल में सिपाही के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

नगर के रामपुर मोहल्ला निवासी शेर सिंह पुत्र प्रेम सिंह यूपी पुलिस का सिपाही था। हाल में शेर सिंह की पोस्टिग बुलंदशहर कोतवाली में थी। रविवार रात पारिवारिक कलह के चलते शेर सिंह ने सर्विस रिवाल्वर से सिर में गोली मारकर खुदकशी कर ली। सोमवार सुबह साथियों ने सिपाही का खून में लथपथ शव देखकर अधिकारियों को अवगत कराया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजकर परिजनों को सूचना दी। परिजन बुलंदशहर की ओर रवाना हो गए। वहीं परिवार में कोहराम मच गया।

सोमवार को देर शाम सिपाही का शव घर पहुंचा तो शव से लिपट पत्नी सुरुचि खूब रोई। इस दौरान कई बार बेहोश हुई। जैसे तैसे महिलाओं ने पत्नी व अन्य परिजनों को संभाला। गमगीन माहौल में सिपाही के शव का अंतिम संस्कार किया। मुखाग्नि चचेरे भाई अर्जुन ने दी। दो माह पूर्व आया था छुट्टी

परिजनों की मानें तो शरे सिंह दो माह पूर्व छुट्टी आया था। रविवार रात करीब आठ बजे मां से मोबाइल पर बात कर जल्द आने की बात कही थी। रात करीब 10 बजे सिपाही ने चाचा से भी फोन पर बात की। इस दौरान बातचीत में चाचा को भी तनाव महसूस नहीं हुआ। सुबह गोली मारने का पता लगा को हर कोई सन्न रह गया। पता लगते ही पिता व अन्य लोग शव लेने के लिए बुलंदशहर को निकल गए थे। सिपाही के आठ माह का पुत्र व ढाई साल की पुत्री है।

Posted By: Jagran

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