छपरौली विधानसभा क्षेत्र: जस की तस हैं खेती-किसानी की समस्याएं, विधायक ने गिनाईं उपलब्धियां
Uttar Pradesh MLA Report Card: बागपत जिले के छपरौली विधानसभा क्षेत्र में बेसहारा गोवंश, गन्ना भुगतान और बिजली कटौती जैसी ...और पढ़ें

छपरौली विधानसभा क्षेत्र
HighLights
अघोषित बिजली कटौती, जलभराव से ग्रामीण परेशान।
विधायक ने शिक्षा, सिंचाई सहित कई विकास कार्य गिनाए।
जागरण संवाददाता, बागपत। डा. अजय कुमार छपरौली विधानसभा क्षेत्र से रालोद विधायक हैं। क्षेत्र आज भी कई मूलभूत समस्याओं से जूझ रहा है। किसानों, व्यापारियों और ग्रामीणों के सामने ऐसी अनेक समस्याएं हैं, जिनका लंबे समय से समाधान नहीं हो सका है। बेसहारा गोवंशीय फसलें बर्बाद कर रहे हैं। मिलों पर किसानों का करोड़ों रुपये का गन्ना भुगतान अटका हुआ है। बिजली की अघोषित कटौती लोगों की परेशानी बढ़ा रही है। जलभराव, प्रदूषित नदियां और यमुना नदी का भूमि कटान भी क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।
क्षेत्र में सबसे बड़ी समस्या बेसहारा गोवंशियों की है। दिन-रात खेतों में घूम रहे गोवंशी किसानों की मेहनत पर पानी फेर रहे हैं। कई बार शिकायतों के बावजूद गोशालाओं की क्षमता बढ़ाने और गोवंशीय को सुरक्षित रखने की दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए हैं। किसानों की बड़ी चिंता बकाया गन्ना भुगतान है। किसान लंबे समय से चीनी मिलों पर बकाया भुगतान की मांग कर रहे हैं। मलकपुर चीनी मिल से किसान सबसे ज्यादा परेशान हैं।
बिजली व्यवस्था भी लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में अघोषित विद्युत कटौती से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसान भी प्रभावित हो रहे हैं। धान और अन्य फसलों की सिंचाई बाधित हो रही है। बरसात के मौसम में जलभराव की समस्या कई गांवों और कस्बों में गंभीर रूप ले लेती हैं। सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं और लोगों का आवागमन मुश्किल हो जाता है। दूसरी ओर कृष्णा नदी और हिंडन नदी में बढ़ता प्रदूषण पर्यावरण और लोगों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बनता जा रहा है। गांगनौली, रहतना, मवीकलां, रंछाड़, कंडेरा आदि गांवों में लोग कैंसर जैसी बीमारियों से बे-समय मारे जा रहे हैं।
मलकपुर चीनी मिल से निकलने वाला अपशिष्ट पानी लोयन गांव के पास नाले के माध्यम से बहाया जाता है, जिससे नदी का पानी प्रदूषित हो रहा है। यमुना नदी का भूमि कटान भी हर वर्ष किसानों की चिंता बढ़ा देता है। बरसात के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ने पर कई गांवों के किसानों की उपजाऊ जमीन कटान की भेंट चढ़ जाती है। ग्रामीण लंबे समय से स्थायी सुरक्षा कार्यों की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक व्यापक समाधान नहीं हो पाया है। इन सवा चार साल के कार्यकाल में विधायक निधि की नौ किस्तों में 22.50 करोड़ रुपये मिले, जो विभिन्न विकास कार्यों पर खर्च किए गए।
क्षेत्र की समस्याओं का कराया समाधान: डाॅ. अजय कुमार
छपरौली विधायक डा. अजय कुमार का कहना है कि चौधरी चरण सिंह राजकीय महाविद्यालय छपरौली को उच्चीकृत, एमए, बीएससी, बीकाम संकाय स्वीकृत कराकर 15.77 करोड़ से संकाय भवनों का निर्माण कार्य जारी है। पूर्वी यमुना नहर की 48 करोड़ रुपये की परियोजना स्वीकृत करा पुनर्स्थापना एवं पुनरुद्धार का कार्य जारी है, जिनमें 18 पुलों का नवनिर्माण भी शामिल है। चौगामा की नहरों पर 64 किलोमीटर बाईं पटरी को पक्का कराने का कार्य हो रहा है।
छपरौली से किशनपुर-बराल और बड़ौत से नांगल तक सड़क चौड़ीकरण, सुदृढीकरण का कार्य जारी है। 18 किलोमीटर बिजवाड़ा रजवाहे पर सड़क का नवनिर्माण कराया। बरनावा हिंडन नदी पर पुल, असारा और झुंडपुर गांव में नदियों पर पुल निर्माण कार्य प्रगति पर है।
गल्हैता में 96 लाख से नया कांवड़ मार्ग नवनिर्माण, बावली रजवाहे को आदर्श नहर स्वीकृत कराया। बावली चुंगी पर बस स्टैंड को धन आवंटित कराया। 47 सड़कों का नवनिर्माण और पुनर्निर्माण कराया।
समस्याओं से जूझ रहे लोग: कांग्रेस प्रत्याशी
विधानसभा चुनाव 2022 में कांग्रेस प्रत्याशी रहे डा. युनूस चौधरी ने कहा कि क्षेत्र के लोग आज भी मूलभूत समस्याओं से जूझ रहे हैं। क्षेत्र में कोई बड़ा उद्योग स्थापित नहीं होने से युवा रोजगार के लिए पलायन को मजबूर हैं। विभिन्न योजनाओं में भूमि अधिग्रहण के बावजूद उचित मुआवजा नहीं मिला। नहरों में पर्याप्त पानी नहीं आने, अघोषित बिजली कटौती, फसलों पर अनुदान न मिलने और गन्ना भुगतान लंबित रहने से किसान परेशान हैं। वहीं खाद की कालाबाजारी, निर्धारित से कम वजन की बोरियां और अधिक दाम वसूलने की शिकायतें भी लगातार सामने आ रही हैं, लेकिन समाधान नहीं हो पा रहा है।
छपरौली विधानसभा क्षेत्र
164185
पुरुष मतदाता
128893
महिला मतदाता
293080
कुल मतदाता
जनता कहिन
चौधरी चरण सिंह राजकीय महाविद्यालय छपरौली को उच्चीकृत कराकर उसमें एमए, बीएससी, बीकाम संकाय स्वीकृत कराया। कालेज में 15.77 करोड़ रुपये से संकाय भवनों का निर्माण और बराल से छपरौली तक चौड़ीकरण कराया है। स्कूल के बच्चों के अलावा सड़क चौड़ीकरण से लोगों को फायदा हुआ है।
-शुभम खोखर, छपरौली।
मेरे गांव में सीसी रोड का निर्माण होने से आवागमन की राह आसान हुई है। गांव में बिजली की काफी समस्या थी। डा. अजय कुमार को समस्या के बारे में अवगत कराया था, जिसके बाद उन्होंने गंभीरता से लेते हुए समस्या का समाधान कराया। विधायक क्षेत्र के लोगों की समस्या गंभीरता से सुनते हैं।
-रविश मान, सिनौली।
गांव में बिजली की समस्या सबसे ज्यादा है। गांव ही नहीं खेतों में भी बिजली की कटौती होती है, जिससे फसलों की पर्याप्त सिंचाई नहीं होती है। दूसरा गांव में कई स्थानों पर रास्तों की समस्या है, इन्हें कई बार सीसी रोड बनवाने की मांग की गई, लेकिन समाधान नहीं हुआ है।
-सलीम सलमानी, बरनावा।
गांव में कई साल से तालाब की खोदाई नहीं हुई है, जिससे गलियों में जलभराव की समस्या हो रही है। बरसात के दिनों में यह समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है। बिजली की समस्या का भी समाधान नहीं हो सका है। बिजली कटौती से बड़ी परेशानी उठानी पड़ रही है।
-मौजीराम कश्यप, मुकीमपुरा।
