बागपत, जेएनएन। देश की आजादी को जान की बाजी लगाने वाले किसान मसीहा स्व. चौधरी चरण सिंह ने गांव से प्रधानमंत्री की कुर्सी तक पहुंचकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ढेरों उपलब्धियां दर्ज कराई। अब लॉकडाउन में गरीब और बेबस कामगारों के जीवन का सबसे बड़ा सहारा बनी अंत्योदय योजना की नींव भी चौधरी साहब ने केंद्रीय गृहमंत्री की हैसियत से रखी थी। उनका हर काम सुनहरा इतिहास बन गया।

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पीएम तक का सफर

पूर्व प्रधानमंत्री स्व. चौ. चरण सिंह का 23 दिसंबर 1902 हापुड़ की बाबूगढ़ छावनी के पास नूरपुर गांव में फूंस के छप्पर में जन्म हुआ था। पिता चौ. मीर सिंह साधारण किसान तथा माता नेत्रकौर धर्म परायण महिला थीं। साल 1926 में मेरठ कालेज से कानून डिग्री प्रथम श्रेणी से पास कर गाजियाबाद में वकालत शुरू की। बागपत कर्मस्थली बना फिरंगियों से देश आजाद कराने की लड़ाई लड़ी और जेल गए। तीन अप्रैल 1967 तथा दूसरी बार 17 फरवरी 1970 को यूपी के मुख्यमंत्री, साल 1977-78 में उप प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और फिर प्रधानमंत्री बने। मगर इस महान शख्सियत का 29 मई 1987 का निधन हो गया।

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दमदार नेता और शानदार काम

बागपत से सियासत शुरू कर वर्ष 1937 में गाजियाबाद से प्रांतीय धारा सभा के लिए चुने गए थे। 17 मई 1939 को ऋण निवृत्ति बिल संयुक्त प्रांत धारा सभा में पारित करा किसानों को कर्ज मुक्त कराने, जमींदारी उन्मूलन अधिनियम लागू करा किसानों को जमीन का मालिक बनाने, चकबंदी अधिनियम पारित कराने, खेत की मिट्टी जांच, कृषि को आयकर से बाहर रखने, नहर पटरियों पर चलने पर जुर्माना वसूली का ब्रिटिश कानून खत्म कराने। जोत बही दिलवाने, शिक्षण संस्थाओं से जातिसूचक शब्द हटवाने, उर्वरक बिक्री से कर खत्म कराने, कृषि उपज की अंतर्राज्यीय आवाजाही पर लगी रोक हटवाने समेत ढेरों शानदार काम कराए।

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रखी अंत्योदय योजना की नींव

केंद्रीय गृह मंत्री की हैसियत से गरीब बेरोजगारों को काम के बदले अनाज योजना तथा गरीब बेसहाराओं के लिए अंत्योदय योजना शुरू कराकर मुफ़्त अनाज दिलाने का काम किया। वर्तमान में लॉकडाउन में रोजगार छीनने से बेसहारा हुए लाखों गरीबों को अब अंत्योदय योजना से ही मुफ्त गेहूं-चावल मिल रहा है।

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थे इतने सरल..

जिला जाट महासभा बागपत के महासचिव अश्वनी तोमर ने फोटो दिखाते हुए बोले कि चौधरी साहब दो बार उनके घर आए। एक बार तो प्रधानमंत्री रहते चौधरी साहब धर्मपत्नी गायत्री देवी समेत आए। तब उनके पिता स्व. सूबेदार अनंगपाल सिंह तोमर ने कहा कि हमारा तो यह टूटा-फूटा घर है यह सुनकर चौधरी साहब ने कहा कि अनंगपाल जी मुझे आपका घर देखकर बड़ी खुशी हुई कि आप ईमानदार हो..। यदि आपका मकान शानदार बना होता तो मुझे सोचना पड़ता कि यह पैसा कहां से आया। बागपत ब्लाक प्रमुख सुभाष गुर्जर बताते हैं कि चौधरी साहब इतने सरल और महान थे कि हमेशा किसानों व गरीबों के लिए उपलब्ध रहते थे।

Posted By: Jagran

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