बागपत, जेएनएन। भाजपा ने तीनों विधायकों को टिकट देकर ठंड में सियासत का पारा चढ़ा दिया। विधायक पांच साल का काम गिनाकर वोट मांगेंगे, जो विधानसभा चुनाव में उनके लिए फायदेमंद साबित होगा। सियासी मैदान में आए विधायकों का विपक्षी दलों के उम्मीदवारों के साथ चुनाव में कड़ा मुकाबला होगा।

विधानसभा चुनाव में विधायकों के टिकट कटने के कयास लगाए जा रहे थे। इसी के चलते भाजपा में टिकट हासिल करने के लिए पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की लंबी फेहरिस्त थी। हालांकि विधायकों ने चुनाव की तैयारी जारी रखी थी। रालोद सपा गठबंधन ने बागपत पर पूर्व पर्यटन मंत्री नवाब कोकब हमीद के पुत्र नवाब अहमद हमीद पर दांव लगाया। अभी रालोद ने बड़ौत व छपरौली पर प्रत्याशी घोषित नहीं किए हैं। वहीं कांग्रेस ने छपरौली से पार्टी के जिलाध्यक्ष युनूस चौधरी को टिकट दिया है। बसपा ने बड़ौत से अंकित शर्मा व छपरौली से मोहम्मद शाहीन चौधरी को प्रत्याशी घोषित किया है। शनिवार को तीनों विधायकों को टिकट मिलने से समर्थक बेहद खुश हैं। वहीं विपक्षी दलों में भी खलबली मची है। विधायकों का कहना है कि वे चुनाव में पिछले पांच साल में कराए गए विकास कार्यों को गिनाकर जनता से वोट मांगेंगे। जिसका चुनाव में फायदा मिलेगा। विपक्षी दलों के उम्मीदवार भी जातीय समीकरण साधने में जुटे हैं। इससे विधानसभा चुनाव में विधायकों का विपक्षी दलों के उम्मीदवारों से कड़ा मुकाबला होगा।

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बागपत में अभी तक नहीं

आई कोई महिला उम्मीदवार

बागपत में अभी तक घोषित प्रत्याशियों में कोई महिला उम्मीदवार नहीं आई है। भाजपा, सपा रालोद, कांग्रेस व बसपा तथा आप के घोषित प्रत्याशियों में सभी पुरुष ही हैं। कोई भी महिला उम्मीदवार घोषित नहीं की गई है। अभी बसपा के बागपत, सपा रालोद गठबंधन के बड़ौत व छपरौली तथा कांग्रेस के बागपत व बड़ौत से उम्मीदवार घोषित होना बाकी है।

Edited By: Jagran