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सर्पदंश से महिला की मौत का मामला उलझा, डाक्टर ने नौकरी छोड़ी... सीएमएस और फार्मासिस्ट छुट्टी पर

By Kapil Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sun, 04 Oct 2026 01:15 PM (IST)

बागपत में सर्पदंश से महिला सुंदर देवी की मौत का मामला उलझ गया है, जिसमें परिवार ने एंटी-स्नेक वेनम की ...और पढ़ें

बागपत सीएमओ कार्यालय के सभागार में बैठक करते चिकित्सक। जागरण

बागपत सीएमओ कार्यालय के सभागार में बैठक करते चिकित्सक। जागरण

HighLights

  1. सर्पदंश से महिला की मौत, परिवार ने ओवरडोज का आरोप लगाया।

  2. सीएमएस व फार्मासिस्ट छुट्टी पर, एक डॉक्टर ने नौकरी छोड़ी।

  3. स्वास्थ्य विभाग स्टाफ लामबंद, मृतक के पति से की वार्ता।

जागरण संवाददता, बागपत। सांप के डसने से भाकियू के एनसीआर क्षेत्र महासचिव प्रदीप धामा की पत्नी सुंदर देवी की मौत का मामला तूल पकड़ रहा है। मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपित सीएमएस डा. अनुराग वार्ष्णेय व फार्मासिस्ट मोहित त्यागी शनिवार को छुट्टी पर रहे। तत्कालीन इमरजेंसी मेडिकल आफिसर डाक्टर विक्रांत चौबे पहले ही नौकरी छोड़ चुके हैं। जांच रिपोर्ट में दर्शाया गया कि ओवरडोज से महिला की जान गई है। वहीं, मुकदमे के बाद स्वास्थ्य विभाग का स्टाफ लामबंद हो गया है। उनके द्वारा मीटिंग कर एक प्रतिनिधिमंडल ने मृतक महिला के पति से वार्ता की है।

बागपत के यमुना रोड निवासी प्रदीप धामा की पत्नी 38 वर्षीय सुंदर देवी उर्फ वर्षा को गत चार नवंबर की रात करीब 9.30 बजे मकान में कार्य करते समय सांप ने डस लिया था। स्वजन वर्षा को लेकर पहले बागपत सीएचसी पहुंचे थे। चिकित्सकों के रेफर करने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पीड़ित स्वजन का आरोप है कि वर्षा की एन्टी स्नेक वेनम की ओवरडोज देने से जान गई है। तत्कालीन इमरजेंसी मेडिकल आफिसर डा. विक्रांत चौबे ने तभी बोल दिया था कि महिला को सांप के डसा है, जिनकी उपचार के दौरान मौत हुई है।

ओवरडोज दवाई देने का आरोप गलत है। महिला के शव का पोस्टमार्टम हुआ था। चिकित्सक द्वारा लिए गए विसरा को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा गया था, जिसकी रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। एडीएम की जांच रिपोर्ट के बाद प्रदीप धामा ने शुक्रवार शाम सीएमएस डा. अनुराग वार्ष्णेय, चिकित्सक विक्रांत चौबे और फार्मासिस्ट मोहित त्यागी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया। शनिवार को सीएमएस और फार्मासिस्ट अस्पताल में नहीं पहुंचे। आरोपित चिकित्सक पहले ही नौकरी छोड़ चुके हैं।

चिकित्सक व फार्मासिस्ट की कोई लापरवाही नहीं रही
इस मामले में चिकित्सक व फार्मासिस्ट की कोई लापरवाही नहीं रही है। महिला को बेहतर इलाज दिया गया था। उसके बावजूद एडीएम की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई थी। सांप के डसने से सैकड़ों मरीजों का अस्पताल में उपचार किया गया। संबंधित अधिकारी की संस्तुति के बगैर मुकदमा दर्ज किया गया है। मेरे द्वारा मुकदमे से पहले ही छुट्टी ली गई थी।
-डा. अनुराग वार्ष्णेय, सीएमएम

प्रदीप धामा से वार्ता की, जो सकारात्मक रही
संगठन के चिकित्सकों और डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों की सीएमओ कार्यालय में संयुक्त मीटिंग हुई। इसके बाद एक प्रतिनिधिमंडल ने भाकियू नेता प्रदीप धामा से वार्ता की, जो सकारात्मक रही है। कोई धरना प्रदर्शन या हड़ताल नहीं होगी।
-डा. यशवीर सिंह, प्रदेश अध्यक्ष प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ