विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

पंचायत का फरमान! कोर्ट मैरिज करने वाले प्रेमी युगल के गांव में घुसने पर रोक, संपत्ति से भी होगा बेदखल

By Rajeev Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Fri, 09 Oct 2026 05:55 AM (IST)

बड़ौत के वाजिदपुर गांव में कश्यप समाज की पंचायत ने कोर्ट मैरिज करने वाले प्रेमी युगल के गांव में प्रवेश ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. वाजिदपुर पंचायत ने कोर्ट मैरिज करने वाले युगल पर लगाई रोक।

  2. युवक को संपत्ति से बेदखल करने का परिवार ने किया ऐलान।

  3. प्रेम प्रसंग के चलते गांव में प्रवेश पर प्रतिबंध का लिया फैसला।

जागरण संवाददाता, बड़ौत (बागपत) : कश्यप समाज के लोगों की वाजिदपुर गांव में हुई पंचायत में कोर्ट मैरिज करने वाली महिला और युवक के गांव में प्रवेश पर रोक लगा दी गई। महिला और युवक के रिश्तेदारों व ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचायत ने यह फैसला लिया। युवक के स्वजन ने उसे संपत्ति से बेदखल करने का भी एलान किया।

बागपत कोतवाली क्षेत्र के नौरोजपुर गांव की रहने वाली युवती की कुछ समय पहले दोघट थाना क्षेत्र के टीकरी गांव में शादी हुई थी। वाजिदपुर गांव में उसके मामा रहते हैं, जिसके चलते उसका वहां आना-जाना था। लगभग डेढ़ महीने पहले मामा के पड़ोस में रहने वाले अपनी ही बिरादरी के एक युवक से उसका संपर्क हो गया। धीरे-धीरे दोनों के बीच प्रेम-प्रसंग हो गया। स्वजन के विरोध के बीच दोनों घर से चले गए और कोर्ट मैरिज कर बाहर रहने लगे। इसके बाद महिला के स्वजन की ओर से युवक के खिलाफ दोघट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। पुलिस के मुताबिक महिला को बरामद करने के बाद उसके अदालत में बयान कराए। अदालत में महिला ने युवक के साथ रहने की इच्छा जताई। इसके बाद से वह युवक के साथ रह रही है।

मामला गांव और रिश्तेदारी तक पहुंचने और तूल पकड़ने के बाद बुधवार रात वाजिदपुर में पंचायत बुलाई गई। पंचायत में दोनों के गांव में आने का विरोध जताया गया। सहमति से निर्णय लिया गया कि महिला और युवक को गांव में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। युवक के स्वजन ने भी उससे नाता तोड़ते हुए संपत्ति से बेदखल कर दिया है। पंचायत के फैसले के बाद गांव में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। बिनौली पुलिस चौकी प्रभारी रामकुमार सिंह के अनुसार, महिला के रिश्तेदारों और युवक के स्वजन ने ग्रामीणों की सहमति से दोनों को गांव नहीं आने के लिए कहा है, ताकि किसी प्रकार का विवाद न हो।