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बागपत में पूर्व प्रधान और दो बेटों को उम्रकैद, 9 साल पहले चुनावी रंजिश में की थी हत्या

Published: Tue, 08 Sep 2026 09:13 AM (IST)

चुनावी रंजिश में पवन की हत्या के मामले में बागपत की अदालत ने पूर्व प्रधान राजेंद्र और उसके दो बेटों ...और पढ़ें

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HighLights

  1. पूर्व प्रधान राजेंद्र और दो बेटों को आजीवन कारावास।

  2. बागपत में चुनावी रंजिश में हुई हत्या का मामला।

  3. अदालत ने 35-35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।

जागरण संवाददाता, बागपत। चुनावी रंजिश में ग्राम सलावतपुर खेड़ी गांव के युवक पवन की एलानिया हत्या के मामले में अदालत ने पूर्व प्रधान और उसके दो बेटों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तीन अन्य आरोपितों को दोषमुक्त किया था। चार आरोपितों को पुलिस पहले ही क्लीनचिट दे चुकी है।

एडीजीसी अशोक सैनी एवं वादी अधिवक्ता संदीप कुमार के मुताबिक ग्राम सलावतपुर खेड़ी गांव निवासी बेनाम उर्फ राजा ने नौ जुलाई 2017 में थाना खेकड़ा में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि खड़ंजे के निर्माण को लेकर पूर्व प्रधान राजेंद्र पक्ष से विवाद हो गया था। आरोपित पहले से चुनाव रंजिश रखते थे।

आरोपितों ने गोली मारने की धमकी दी थी, वह नौ जुलाई को अपने भाई पवन कुमार, सोनू, प्रवीण, धर्मवीर, मनीष, सूबे, टिल्लू के साथ जोगेंद्र फौजी के मकान के सामने नीम के पेड़ के नीचे बैठे हुए थे। आरोप है कि राजेंद्र ने अपने बेटे प्रमोद व मनोज के अलावा बाबू, विरेंद्र, जगदीप, नवदीप उर्फ डब्बू, संदीप, अंकित व दो अन्य युवकों ने राइफल, रिवाल्वर, तमंचे से फायरिंग की थी।

कई गोलियां लगने से भाई पवन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि प्रवीण और सोनू गोली लगने से घायल हुए थे। एक गोली बैल की गर्दन में लगकर आरपार हो गई। अन्य लोगों ने वहां से दौड़कर अपनी जान बचाई थी। मुकदमे में 12 आरोपित दर्शाए गए थे। पुलिस ने पूर्व प्रधान राजेंद्र समेत आठ आरोपितों के विरुद्ध कार्रवाई कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। इनमें दो नाबालिग शामिल थे।

चार आरोपित वीरेंद्र, संदीप, अंकित व जगदीप को क्लीनचिट दे दी थी। दोनों नाबालिग आरोपितों की पत्रावली पृथक हो गई थी। पूर्व प्रधान राजेंद्र समेत आठ आरोपितों की पत्रावली अपर जिला एवं सत्र न्यायालय विशेष पाक्सो संजीव कुमार की अदालत में विचाराधीन थी, वादी समेत 20 गवाहों की गवाही हुई।

अदालत ने एक अगस्त को पूर्व प्रधान राजेंद्र, उसके बेटों प्रमोद और मनोज पर दोष सिद्ध किया। आरोपित बाबू, नवदीप उर्फ डब्बू और साहब सिंह को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त किया था। सोमवार को अदालत ने पूर्व प्रधान राजेंद्र, उसके बेटों प्रमोद और मनोज को आजीवन कारावास की सजा सुनाई तथा 35-35 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।

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