विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बागपत का दोहरा हत्याकांड: 11 साल पहले रखी गई थी रंजिश की नींव, अब तक तीन हत्याएं

Published: Wed, 10 Jun 2026 01:45 AM (IST)

बागपत में हुए दोहरे हत्याकांड की जड़ें 11 साल पुरानी रंजिश में हैं, जो 2015 में शराब के ठेके पर ...और पढ़ें

11 साल पहले रखी गई थी रंजिश की नींव।

11 साल पहले रखी गई थी रंजिश की नींव।

HighLights

  1. 2015 में शराब ठेके पर विवाद से रंजिश की नींव पड़ी।

  2. उसी घटना में वरुण लुहारी के भाई कपिल की मौत हुई थी।

  3. मंगलवार को वरुण ने अपने भाई की मौत का बदला लिया।

जागरण संवाददाता, बड़ौत। शहर के दिल्ली बस स्टैंड पर सोहनलाल और किशनलाल की टेंट का व्यवसाय है। इन्हीं की दुकानों में से वर्ष 2015 में एक दुकान में शराब का ठेका खुला हुआ था।

पीड़ित पक्ष का कहना है कि वरुण लुहारी शराब के ठेके पर आया और शराब लेने के बाद पैसे नहीं दिए, जिसके बाद सेल्समैन और वरुण में झगड़ा हो गया। दुकान मालिक होने के नाते सोहनलाल और किशनलाल ने वरुण को दबंगई दिखाने से रोका तो यह उसे नागवार गुजरा।

वरुण लुहारी ने दोनों भाइयों से बदला लेने की ठान ली और कई दिन बाद अपने हथियारबंद भाई कपिल और साथियों के साथ पीड़ित पक्ष के घर पर हमला बोल दिया, जिसमें सोहनलाल और उनका बेटा विकास, किशनलाल और उनके बेटे दीपक व अनिल घायल हो गए।

इस दौरान ताबड़तोड़ गोलियां चली थीं, जिनमें वरुण लुहारी के भाई कपिल की मौत हो गई थी। दोनों पक्षों के लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज हुए थे और दोनों पक्ष के लोग जेल गए थे।

इस घटना के बाद पुलिस ने सोहनलाल और किशनलाल के परिवार को लाइसेंस देने के अलावा पुलिस सुरक्षा भी मुहैया कराई थी, जो दो साल पहले हटा ली गई थी। इसके बाद व्यापारियों ने कई बार पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई, लेकिन जो उन्हें नहीं मिल सकी।

उधर, उसके बाद से ही वरुण लुहारी अपने भाई की मौत का बदला लेने के लिए घूम रहा था। आखिर, मंगलवार को उसने एक बार फिर दुस्साहस करते हुए वर्ष 2015 जैसा हमला बोला और वह अपने मकसद में कामयाब हो गया।