बागपत, जेएनएन। ठंड कहर बरपाने में कसर नहीं छोड़ रही है। रातभर कोहरा पड़ा और दिन में कड़ाके की ठंड रही। कोहरे से दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे, मेरठ बागपत नेशनल हाईवे तथा ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस-वे समेत तमाम मार्गों पर रात को वाहन रेंगते दिखे।

न्यूनतम तापमान सात और अधिकतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रहा। दो दिन से सूरज नहीं निकल ने हर और इंसान और पशु कांपते दिखे। सरकारी कार्यालयों, बाजारों और सड़कों पर सन्नाटा छाया रहा। मजबूरी में लोग घरों से बाहर निकले।

लोग अलाव तापकर ठंड से बचने का प्रयास करते भी दिखे। गो आश्रय स्थलों में बेसहारा गोवंशी पशुओं को बुरा हाल है। ठंड में गन्ना कटाई प्रभावित हो रही है। गनीमत रही कि हवा नहीं चली। वायु गुणवत्ता खराब होने लगी है।

एयर क्वालिटी इंडेक्स 176 रहा।

संवाद सहयोगी, खेकड़ा: इन दिनों ठंड बढ़ने से लोग घरों में कैद हैं। बाजार की रौनक भी गायब होने लगी है। शनिवार को अधिकांश समय दुकानदार खाली बैठे नजर आए। दुकानदार संदीप शर्मा, जावेद मलिक व खलील का कहना है कि दो दिन से नाममात्र की दुकानदारी हो रही है। निरंतर बढ़ती ठंड से राहत पाने के लिए लोगों ने अलाव आदि का सहारा लिया।

संवाद सहयोगी, बड़ौत : पिछले दिनों हुई बारिश के कारण वातावरण में काफी ठंडक घुल गई। सुबह-शाम लोग अलाव का सहारा लेने को मजबूर हो रहे हैं।

बीमार हो रहे लोग

कोहरे और ठंड के कारण लोग गले का दर्द, खांसी, जुकाम, सिरदर्द सहित अन्य कई बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। आस्था हास्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक डा. अनिल जैन के मुताबिक, अधिक ठंड की वजह से धमनियां सिकुड़ने लगती हैं। इससे रक्तचाप बढ़ने लगता है। इससे हार्ट अटैक या लकवा होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए देर रात या जल्दी सुबह घर से बाहर न निकलें। खान-पान का ध्यान रखें और घर में ही व्यायाम जरूर करें। नियमित रूप से रक्तचाप चेक करते रहें। ज्यादा तला हुआ या बाहर के खाने से परहेज करें।

Edited By: Jagran