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बागपत में मंदिर के पास क्षतिग्रस्त मार्ग पर जलभराव, राहगीरों का गुजरना हुआ मुश्किल; गिरकर घायल हाे रहे वाहन सवार

By Gaurav Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Thu, 11 Jun 2026 07:17 PM (IST)

Baghpat News : नया सुभानपुर गांव में मंदिर के पास सड़क क्षतिग्रस्त होने और जलभराव से ग्रामीणों व राहगीरों को ...और पढ़ें

सुभानपुर गांव के मुख्यमार्ग पर जलभराव। जागरण

सुभानपुर गांव के मुख्यमार्ग पर जलभराव। जागरण

HighLights

  1. नया सुभानपुर में मंदिर के पास सड़क क्षतिग्रस्त, जलभराव।

  2. शिकायत के बाद भी मार्ग का नहीं हो रहा निर्माण

संवाद सहयोगी, खेकड़ा (बागपत)। नया सुभानपुर गांव में मंदिर के पास मार्ग क्षतिग्रस्त एवं जलभराव होने से राहगीरों के साथ ही ग्रामीणों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रोजाना कोई न कोई वाहन सवार गिरकर घायल होता रहता है। शिकायत के बाद भी कोई अधिकारी समस्या के समाधान पर ध्यान नहीं दे रहा है।

सुभानपुर, नौरसपुर, अलीपुर गांव व यमुना पुश्ते को दिल्ली-यमुनोत्री नेशनल हाईवे से जोड़ने वाला नया सुभानपुर गांव मार्ग है। मार्ग से रोजाना सैकड़ों लोग व वाहनों का आवागमन रहता है। सुभानपुर और गाजियाबाद के पचारा में रेत खदान चलने के बाद अधिकांश ओवरलोड वाहन यहीं से निकलते थे।

बड़े वाहनों के कारण मार्ग बेहतर जर्जर हालत में पहुंच चुका है। सुभानपुर मंदिर के पास मार्ग में गहरे गड्ढे होने से जलभराव रहता है। रोजाना कोई न कोई वाहन सवार गिरकर घायल होता है। गुरुवार सुबह मार्ग पर ईंट से लदी ट्रैक्टर-ट्राली धंस गई। इससे करीब घंटाभर तक मार्ग से आवागमन पूरी तरह से बंद रहा।

वैकल्पिक मार्गों से निकलकर राहगीर अपने गंतव्य तक पहुंचे। रवि चौधरी, सुनील, मेहुल व अभिषेक का कहना है कि वर्षों पहले मार्ग का निर्माण हुआ था। सैकड़ों बार अधिकारियों से मार्ग निर्माण कराने को शिकायत कर चुके हैं पर नतीजा सिफर है। जल्द संबंध में ग्रामीणों ने डीएम से मार्ग निर्माण कराने को मिलने की बात कही।

तहसीलदार वृतिका श्रीवास्तव का कहना है कि समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को पत्राचार किया जाएगा।

पहले जाते थे जेल पर वाहन
अब्दुलपुर के जंगल में बागपत जेल शुरू होने के बाद बंदी व अधिकारियों के वाहनों का सुभानपुर गांव के मार्ग से ही आवागमन रहता था, परंतु मार्ग के क्षतिग्रस्त होने व आए दिन जलभराव रहने पर जेल अधिकारियों ने प्रशासनिक व पीडब्ल्यूडी विभाग को पत्र भेजकर निर्माण की मांग की, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर अधिकारियों ने वाहनों का आवागमन बंद करा दिया था। अब बंदियों के सभी वाहन हसनपुर मसूरी गांव के जंगल से होकर गुजरते हैं।