बागपत, जेएनएन। मवीकलां गांव के बिजली घर पर गुरुवार को किसानों ने पंचायत की। ट्यूबवेलों पर बिजली का मीटर लगाने, गलत बिल भेजने और गन्ना भुगतान की मांग मुददा रहा। मांगों को लेकर ऊर्जा निगम के एसडीओ और जेई को बंधक बनाया। ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता के आश्वासन पर बंधन मुक्त किया और पंचायत को समाप्त की।

पंचायत में शामिल किसानों ने बताया, बिजली विभाग की टीम नलकूपों पर बिजली का मीटर लगाने गई थी, जिसका किसानों ने विरोध किया था। पुरा महादेव, मवीखुर्द, मतानतनगर, चिरचिटा, कमला सहित अन्य गांवो के किसानों ने पंचायत शुरू की।

ट्यूबवेलों पर नहीं लगने दिया जाएगा मीटर

किसानों ने कहा कि ट्यूबवेलों पर मीटर नहीं लगने दिया जाएगा। यह सरकार किसानो को बर्बाद करने पर तुली हुई है। यह शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार किसानों को खत्म करने के लिए नए-नए कानून बना रही है। अब किसान आंदोलन कर सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करेगा। 

पंचायत में रालोद के राष्ट्रीय सचिव कुलदीप उज्ज्वल ने कहा कि यह सरकार उद्योगपतियों की सरकार है। इनका मकसद है किसानों को इतना परेशान किया जाए कि यह अपनी जमीन को छोड़कर अदाणी और अंबानी जैसे उद्योगपतियों को दे दे। किसान यह सब बर्दाश्त नहीं करेगा। अपने हक की लड़ाई लड़ना जानता है। अगर सरकार नहीं मानी तो जनपद के हर बिजली घर पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। 

एसई के आश्वासन पर समाप्त हुई पंचायत

पंचायत में पहुंचे एसडीओ अमित कुमार और जेई श्रीनिवास को किसानों ने बंधक बना लिया। बाद में एसडीओ ने फोन द्वारा किसानों की बात एससी रणविजय सिंह से कराई। एसई ने आश्वासन दिया कि किसानों की ट्यूबवेलों पर मीटर नहीं लगाए जाएंगे। जिसके बाद पंचायत समाप्त हुई। 

पंचायत की अध्यक्षता हेम सिंह प्रधान और संचालन कुलदीप सिंह ने किया। मलखान प्रधान, सुरेंद्र प्रधान, इंद्रपाल प्रधान, सुधीर प्रधान, कृष्णपाल, शोकेंद्र प्रधान, रविंद्र, हरेंद्र, कालूराम, सूबे सिंह, सचिन आदि मौजूद रहे।

Edited By: Pradeep Raghav

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