NCR में प्रदूषण नियंत्रण को UP रोडवेज की 10 साल पुरानी बसें हटाने की तैयारी, बागपत के बड़ौत डिपो को मिलेंगी 22 नई BS-6 बस
Baghpat News: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए बड़ौत डिपो से 10 साल पुरानी 22 बसें हटाई जा रही हैं। ...और पढ़ें

बड़ौत डिपो में खड़ी बसें।
संवाद सहयोगी, बड़ौत (बागपत)। दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने और पर्यावरण मानकों का सख्ती से पालन करने के लिए परिवहन विभाग ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
इसी कड़ी में बड़ौत डिपो में संचालित हो रही दस वर्ष से पुरानी 22 बसों को यहां से हटाने का निर्णय लिया गया है, इन सभी बसों ने अपने संचालन के 10 वर्ष पूरे कर लिए हैं। वहीं डिपो से इतनी बड़ी संख्या में बसों के जाने से यात्रियों को कोई असुविधा न हो, इसका भी प्रबंध किया गया है।
इसके बदले में आगरा डिपो से 22 अत्याधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बीएस-6 तकनीक वाली बसें बड़ौत डिपो के बेड़े में शामिल की जाएंगी।
बड़ौत क्षेत्र दिल्ली-एनसीआर के अंतर्गत आता है। एनसीआर में एनजीटी के कड़े दिशा-निर्देशों के अनुसार, 10 साल से अधिक पुराने डीजल वाहनों के संचालन को प्रतिबंधित किया जा रहा है। ऐसे में इन पुरानी बसों को दिल्ली या एनसीआर के अन्य मार्गों पर चलाना संभव नहीं रह गया था।
10 साल की मियाद पूरी कर चुकीं इन सभी 22 बसों को अब आगरा डिपो में भेजा जाएगा। आगरा एनसीआर के दायरे से बाहर है, इसलिए वहां इन बसों का संचालन नियमों के तहत सुचारू रूप से किया जा सकेगा।
डिपो से इतनी बड़ी संख्या में बसों के जाने से यात्रियों को कोई असुविधा न हो, आगरा डिपो से 22 बीएस-6 तकनीक वाली बसें बड़ौत डिपो में शामिल हो जाएंगी। जल्द ही बसों के स्थानांतरण की यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।
नई बसों के आने से एनसीआर क्षेत्र में वायु प्रदूषण को कम करने में मदद मिलेगी, बल्कि स्थानीय यात्रियों को भी पहले से अधिक सुविधाजनक सफर का लाभ मिलेगा। वर्तमान में बड़ौत डिपो में उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की 135 बसों में 22 बसों को मियाद पूरी हो चुकी है।
वहीं बदले में 22 बसों के आ जाने से संख्या में काेई कमी नही आएगी।वहीं अनुबंधित 33 बसें भी यथावत चलेगी। वहीं एआरएम हाकिम सिंह का कहना है कि प्रदूषण को ध्यान में रखकर शासन द्वारा निर्णय लिया गया है। शीघ्र ही कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।
