अस्पताल का दरवाजा तोड़कर भागा रेबीज पीड़ित युवक और सड़क पर लेट गया, ARV नहीं लगवाने के कारण तीन माह बाद मौत
Baghpat News: बागपत में एक युवक की कुत्ते के काटने के तीन माह बाद रेबीज से मौत हो गई, क्योंकि ...और पढ़ें

सड़क पर लेटा अनीस (वीडियो ग्रैब) और उसका फाइल फोटो।
HighLights
कुत्ता काटने के तीन माह बाद दिखाई दिए रेबीज के लक्षण।
डॉक्टरों ने कुत्ता काटने पर तुरंत एआरवी लगवाने की सलाह दी।
संवाद सूत्र, चांदीनगर (बागपत)। कुत्ते के काटने के तीन माह बाद युवक की मौत हो गई। उसने एंटी रेबीज वैक्सीन (ARV) की डोज नहीं ली थी। ललियाना निवासी 35 वर्षीय अनीस अंसारी फेरी लगाकर बर्तन बेचने का काम करता था। लगभग तीन माह पूर्व उसे आवारा कुत्ते ने काट लिया था। स्वजन के अनुसार शनिवार को उसे बुखार आया और सांस लेने में परेशानी होने लगी।
स्वजन ने उसे मेरठ के आनंद अस्पताल में भर्ती कराया, जहां टेस्ट कराने के दौरान रेबीज की पुष्टि हुई। वहां से उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया। स्वजन उसे शाहदरा के जीटीबी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सकों ने हाथ खड़े कर दिए। स्वजन इलाज के लिए पूरी रात इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन कहीं भी इलाज नहीं मिला। बाद में स्वजन उसे गजरौला के एक अस्पताल लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। अनीस के एक बेटा और एक बेटी है।
रेबीज के लक्षण मिलने पर दिल्ली कराया था भर्ती
रेबीज के लक्षण मिलने के बाद कई अस्पतालों के मना करने के बाद स्वजन ने उसे बवाना दिल्ली के श्री महर्षि वाल्मीकि अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसे एक कमरे में बंद कर दिया गया। कुछ देर बंद रहने के बाद अनीस अंसारी चिल्लाने लगा और दरवाजा तोड़कर बाहर निकलकर सड़क पर भाग निकला। बाद में थकने के बाद वह सड़क पर लेट गया। स्वजन ने उसे प्यार से समझाया, तब वह गाड़ी में बैठा, लेकिन बाद में दूसरी जगह ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
रेबीज से मौत होने पर परिवार को एआरवी लगवाना जरूरी
डिप्टी सीएमओ डा. यशवीर सिंह ने बताया कि परिवार में किसी की कुत्ते अथवा बंदर के काटने से मौत हो गई है तो तत्काल सभी को एआरवी लगवाना चाहिए, क्योंकि उक्त युवक स्वजन के बीच रहा था। जिससे रेबीज फैलने का खतरा बढ़ सकता है।
कुत्ता काट ले तो यह बरतें सावधानी
जिला अस्पताल के फिजिशियन डा. श्रवण कुमार ने बताया कि कुत्ते के काटने पर सबसे पहले घाव को 10 से 15 मिनट तक बहते हुए साफ पानी और साबुन से अच्छी तरह धोएं, ताकि कुत्ते की लार और वायरस निकल जाए। इसके बाद तुरंत डाक्टर के पास जाकर एआरवी और टिटनेस का टीका लगवाएं।
घाव पर लाल मिर्च, हल्दी या चूना जैसे घरेलू नुस्खे बिल्कुल न आजमाएं। इससे संक्रमण बढ़ सकता है। शुरुआती समय में घाव को बांधें या कवर न करें। जितनी जल्दी हो सके नजदीकी अस्पताल जाकर डाक्टर से मिलें और एआरवी का पूरा कोर्स शुरू करवाएं।
