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बागपत जिला अस्पताल में तीमारदार बने डॉक्टरों के सहायक, मरीज को खुद दे रहे स्टीम; स्टाफ की जगह खींच रहे स्ट्रेचर

By Surendra Kumar Kashyap Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Fri, 02 Oct 2026 01:34 PM (IST)

Baghpat News: बागपत जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं का बोलबाला है, जहां तीमारदार मरीजों को खुद स्ट्रेचर पर खींचकर सीटी स्कैन ...और पढ़ें

बागपत जिला अस्पताल में मरीज की स्ट्रेचर खींचते तीमारदार। इमरजेंसी में स्वयं ही मरीज को भाप देता तीमारदार।

बागपत जिला अस्पताल में मरीज की स्ट्रेचर खींचते तीमारदार। इमरजेंसी में स्वयं ही मरीज को भाप देता तीमारदार। 

HighLights

  1.  दो बजे के बाद उपचार के लिए मरीजों को करनी पड़ती है मशक्कत।

  2. मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने लापरवाही की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

जागरण संवाददाता, बागपत। जिला अस्पताल की व्यवस्था निरंतर बिगड़ती जा रही है। कभी लाइट चली जाने पर मोबाइल की रोशनी में उपचार किया जा रहा है, तो कभी मरीजों को खुद ही स्ट्रेचर खींचना पड़ता है। गुरुवार को भी जिला अस्पताल में लापरवाही देखने को मिली। तीमारदार खुद ही स्ट्रेचर खींचकर घायल का सीटी स्कैन कराने पहुंचे। एक तीमारदार तो इमरजेंसी में प्रशिक्षु डाक्टर का सहयोग कर रहा था। कभी स्टीम दे रहा था तो कभी आक्सीजन।

मरीजों की दुर्दशा और तीमारदारों की भूमिका

मेरठ जनपद के हर्रा निवासी तालिब पुत्र जमील साथियों के साथ हरियाणा में धान की पुआल लेने गए थे। सोनीपत जनपद के पलड़ी गांव के पास सड़क किनारे ट्रैक्टर-ट्राली के नीचे बैठकर आराम कर रहे थे, तभी अचानक से ट्राली की साइड लग गई, जिससे उसे अंदरूनी चोट आई। दिलशाद ने बताया कि जिला अस्पताल में करीब ढाई बजे लेकर आए थे। डाक्टर ने पहले एक्स-रे कराया जो ठीक नहीं किया, जिसके बाद सीटी स्कैन कराया।

खुद तालिब को स्ट्रेचर पर लिटाकर खींचते हुए सीटी स्कैन यूनिट लेकर पहुंचे। स्ट्रेचर सही से नहीं चल रहा था, जिससे तालिब को परेशानी हुई। कोई कर्मचारी उनके साथ नहीं था। वहीं रंछाड़ निवासी गुड्डू परिवार की महिला को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। यहां प्रशिक्षु डाक्टर मनोज कुमार ने उपचार शुरू कर दिया। डाक्टर ने उन्हें भाप देने की सलाह दी। यहां कोई कर्मचारी नहीं था, तो गुड्डू ने ही डाक्टर के सहयोग से पहले स्टीम दी और बाद में आक्सीजन।

कर्मचारियों की कमी और अव्यवस्था

उस दौरान यहां कोई कर्मचारी नहीं था और न ही कोई फार्मासिस्ट था। इतनी लापरवाही से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिला अस्पताल में इस समय कैसी स्थिति चल रही है। दो बजे के बाद जिला अस्पताल में उपचार रामभरोसे है।

जिला अस्पताल में तीमारदार खुद स्ट्रेचर खींचकर मरीज को सीटी स्कैन के लिए लेकर आए हैं, यह गलत है। कोई न कोई कर्मचारी उनके साथ रहना चाहिए था। इमरजेंसी में तीमारदार मरीज को स्टीम देने और आक्सीजन के इक्विपमेंट लगा रहे थे, यह लापरवाही है। इसकी जांच कराकर सीएमएस को कार्रवाई के लिए निर्देशित किया जाएगा।
-डा. तीरथ लाल, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक।