संवाद सहयोगी, खेकड़ा (बागपत) : नगर के पाठशाला मार्ग की महीनों पूर्व बनी सड़क बारिश के कारण जगह-जगह से टूट चुकी है। इससे साफ है कि सड़क को मानकों के हिसाब से नहीं बनाया गया। टूटी सड़क साफ बयां कर रही है कि निर्माण सामग्री घटिया उपयोग की गई। जब सड़क बनी थी तब अधिकारियों ने निर्माण सामग्री की जांच नहीं की। यदि मानकों पर खरी उतरी निर्माण सामग्री का उपयोग किया जाता, तो सड़क नहीं टूटती।

खेकड़ा का पाठशाला मार्ग की सड़क को लोक निर्माण विभाग ने ठेकेदार के माध्यम से बनाया था। सड़क कुछ ही महीने भी नहीं चल पाई। मानसून की पहली बारिश ने सड़क को तोड़ना शुरू कर दिया था। दिनेश, राहुल, संजय, मनोज आदि का कहना है कि लाखों खर्च कर प्रशासन से सड़क का निर्माण कराया था तो क्या लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने प्रयोग की गई निर्माण सामग्री को जांचा भी था या नहीं ? अगर मानकों के अनुसार सामग्री प्रयोग होती तो महीनों में ही सड़क जगह-जगह से नहीं टूटती। सड़क किनारे भरे पानी की निकासी व्यवस्था नहीं है। टूटी सड़क पर भरे पानी से निकलने में राहगीरों को परेशानी होती है। कई बाइक सवार रोजाना गड्ढों में गिरकर घायल होते हैं। परेशान राहगीरों ने निर्माण विभाग अधिकारियों से टूटी सड़क का निर्माण कराने की मांग की है। अधिशासी अभियंता रविदत्त का कहना है कि अगर सड़क विभाग के अंडर में बनी है तो ठेकेदार से मरम्मत कराई जाएगी।

Posted By: Jagran