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खराब जीवनशैली बिगाड़ रही सेहत, बढ़ा रही मोटापा... परोस रही बीमारियां

By Surendra Kumar Kashyap Edited By: Praveen Vashishtha
Published: Sun, 11 Oct 2026 01:13 PM (IST)

खराब जीवनशैली और बढ़ता मोटापा आज एक गंभीर समस्या है, जिससे कई बीमारियां बढ़ रही हैं। मोबाइल का अधिक उपयोग, ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)

(प्रतीकात्मक फोटो)

HighLights

  1. मोटापा बढ़ाने में मोबाइल की बढ़ रही भूमिका

  2. जंक फुड की लत भी बच्चों का बढ़ा रही वजन

  3. स्वस्थ आहार, व्यायाम, नींद से मोटापा रोकें।

जागरण संवाददाता, बागपत। खराब जीवनशैली और बढ़ता मोटापा आज के समय की एक गंभीर समस्या बन चुका हैं। आधुनिक सुख-सुविधाओं और भागदौड़ भरी जिंदगी ने हमारी शारीरिक सक्रियता को कम कर दिया है, जिससे न सिर्फ मोटापा बढ़ रहा है बल्कि कई अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। स्क्रीन टाइम बढ़ने की वजह से भी लोग मोटापे का शिकार बन रहे हैं।

जिला अस्पताल के फिाजिशियन डा. श्रवण कुमार बताते है कि लोगों ने अपनी जीवनशैली को इस तरह बना लिया है कि न खाने का समय ठीक है और न ही सोने का। ऐसे में मोटापा बढ़ रहा है, उसके साथ अन्य बीमारियां भी जकड़ रही है। अब स्क्रीन टाइम की समस्या बढ़ गई है। हर समय लोग मोबाइल के सामने चिपके रहते है, जिससे खाने का रूटिन बिगड़ रहा है। मोबाइल पर अधिक समय बीताने से शारीरिक श्रम कम हो जाता है। ऐसे में शरीर की कैलोरी बर्न नहीं हो पाती और वजन बढ़ने लगता है।

जीवनशैली में यह करें सुधार
- भोजन में हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त चीजें शामिल करें। बाहर के खाने से बचे।
- दिन में कम से कम 30 से 45 मिनट की वाक, योग, या कोई भी शारीरिक व्यायाम जरूर करें
- रोजाना सात से आठ घंटे की गहरी नींद लें और खुद को हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त पानी पीएं
- मेडिटेशन (ध्यान) और अपनी पसंदीदा आदत के लिए समय निकालकर मानसिक तनाव को दूर रखें

मोटापा से यह बढ़ रही है बीमारियां
- शरीर में बैड कोलेस्ट्राल बढ़ने से नसों में ब्लाकेज और हार्ट अटैक का खतरा
- मोटापा शरीर में इंसुलिन की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है, जिससे ब्लड शुगर अनियंत्रित हो जाता है

- वजन बढ़ने से दिल को खून पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे रक्तचाप बढ़ता है
- बढ़े हुए वजन का सीधा असर घुटनों और रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है
- लिवर के आसपास अतिरिक्त चर्बी जमा होने से लिवर की कार्यक्षमता कमजोर होने लगती है।