जागरण संवाददाता, बड़ौत (बागपत): यमुना खादर में सरकारी भूमि पर कब्जा कर फसल की बुआई करने वालों पर तहसील प्रशासन ने कार्रवाई की तैयारी कर ली है। ऐसे किसानों के खिलाफ उ.प्र. राजस्व संहिता के तहत तहसीलदार की कोर्ट में वाद दायर किए जाएंगे और सर्किल रेट का एक प्रतिशत वसूल किया जाएगा। एसडीएम ने लेखपाल और कानूनगो से रिपोर्ट मांगी है।

यमुना खादर किनारे स्थित दो दर्जन से ज्यादा गांवों में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा कर फसल की बुआई की जा रही है। यह हजारों बीघा भूमि है, जिस पर गांव के लोगों ने ही कब्जा कर रखा है। इस संबंध में एसडीएम अर¨वद कुमार द्विवेदी ने बताया कि यमुना खादर में ग्राम पंचायत की भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी। संबंधित ग्राम पंचायत के लेखपाल और कानूनगो से जांच कर रिपोर्ट मंगवाई जाएगी। जिन भी लोगों ने भूमि पर कब्जा कर रखा होगा, उनके खिलाफ उ.प्र. राजस्व संहिता 2006 धारा-67 के अंतर्गत तहसीलदार की अदालत में वाद दायर कराया जाएगा। ऐसे लोगों से वहां के सर्किल रेट का एक प्रतिशत क्षतिपूर्ति के रूप में वसूल किया जाएगा। उसके बाद तहसील से आरसी जारी कर उस भूमि को कुर्क किया जाएगा। उसके बाद आरोपित लोगों की उस भूमि से बेदखली की कार्रवाई की जाएगी। आरोपित लोगों को तहसीलदार कोर्ट से नोटिस भी जारी होंगे। एसडीएम ने बताया कि संबंधित लेखपाल और कानूनगो से रिपोर्ट मांगी गई है। गौरतलब है कि 16 अप्रैल को दैनिक जागरण ने 'यमुना खादर में सरकारी भूमि पर लहलहा रही गेहूं की फसल'नामक शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था, जिस पर एसडीएम ने संज्ञान लेते हुए इस संबंध में लेखपाल और कानूनगो से रिपोर्ट मांगी है।

लाखों रुपए का घोटाला आ सकता है सामने

यमुना खादर में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जा करने की गहराई से जांच हो तो यमुना किनारे बसे गांवों के खादर में लाखों रुपए का घोटाला सामने आ सकता है। सवाल यह है कि क्या तहसील प्रशासन इस पूरे फर्जीवाड़े की जांच कराकर कार्रवाई कर पाएगा।

Posted By: Jagran